नयी दिल्ली, 06 मार्च (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सात और आठ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कैंसर सम्मेलन 2026 का आयोजन होने जा रहा है। “स्तन कैंसर से जुड़े मामलों के प्रबंधन में अस्पष्टता से सुस्पष्टता की ओर अग्रसर” थीम पर आधारित इस दो दिवसीय सम्मेलन में स्तन कैंसर उपचार में साक्ष्य-आधारित निर्णयों और सिर्फ कैंसर उपचार को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा। इस सम्मेलनका आयोजन एशिया के पहले समर्पित महिला कैंसर केंद्र अपोलो अथीना महिला कैंसर सेंटर द्वारा किया जा रहा है। अपोलो हॉस्पिटल्स की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. प्रीथा रेड्डी ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपोलो अथीना का लक्ष्य भारत में साक्ष्य-आधारित और कैंसर उपचार को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञता और बहु-विषयक सहयोग को एक मंच पर लाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा कि प्रत्येक महिला को विज्ञान और नवाचार पर आधारित सर्वोत्तम उपचार मिल सके।
डॉ. रेड्डी ने बताया कि इस सम्मेलन में अपोलो अथीना के कई प्रमुख विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे। इनमें डॉ. गीता कदयाप्रथ (प्रिंसिपल लीड, ब्रेस्ट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी), डॉ. ज्योति वाधवा (सीनियर कंसल्टेंट एवं प्रिंसिपल लीड, मेडिकल एंड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी), डॉ. वेंकट रामकृष्णन (सीनियर कंसल्टेंट, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन), डॉ. ज्योति अरोड़ा (सीनियर कंसल्टेंट एवं प्रिंसिपल लीड रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. समर्थ गुप्ता (कंसल्टेंट, प्लास्टिक एवं ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) और डॉ. कविता जैन (सीनियर कंसल्टेंट, लेबोरेटरी सर्विसेज) शामिल हैं। ये विशेषज्ञ स्तन कैंसर की पहचान, ट्यूमर मैपिंग, प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। डॉ. रेड्डी ने बताया कि इस सम्मेलन में कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी भाग ले रहे हैं। इनमें यूके के डॉ. स्टीफन मैककली (कंसल्टेंट प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एंड एस्थेटिक सर्जन), जर्मनी के प्रो. डॉ. मेड. मार्क थिल (डायरेक्टर, गायनेकोलॉजी एंड गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, फ्रैंकफर्ट), प्रो. डॉ. मेड. थोरस्टन कुह्न (चेयरमैन, ईयूब्रेस्ट), दुबई की डॉ. शाहीनह दाऊद (कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) तथा स्पेन की डॉ. लूसिया ग्राना लोपेज़ (सीनियर ब्रेस्ट रेडियोलॉजिस्ट) प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
इस सम्मेलन का उद्देश्य स्तन कैंसर उपचार में लंबे समय से बनी अनिश्चितताओं को समाप्त कर आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रमाणों और बहु-विषयक सहयोग के आधार पर अधिक सटीक और वैयक्तिकृत उपचार उपलब्ध कराना है। इसमें देश-विदेश के प्रमुख ब्रेस्ट सर्जन, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन भाग लेकर नवीनतम शोध, तकनीक और उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन के दौरान प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन, ट्यूमर कार्टोग्राफी, एआई-संचालित इमेजिंग और ऑन्कोप्लास्टी जैसी उन्नत तकनीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई तकनीकों और साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों के माध्यम से न केवल कैंसर नियंत्रण में सुधार होगा, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाई जा सकेगी। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार अपोलो अथीना कैंसर सम्मेलन 2026 भारत में स्तन कैंसर उपचार को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

