तेहरान | 06 मार्च, 2026: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हवाई हमले आज सातवें दिन भी जारी रहे, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। 28 फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य अभियान में अब तक कम से कम 1,230 लोगों की जान जा चुकी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिमी शहर परांद में दो स्कूलों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि ईरान की वायु सेना और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान को इस स्तर पर तबाह किया जा रहा है जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा।
दूसरी ओर, ईरान ने भी हार न मानते हुए जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरानी सेना खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रही है। इन हमलों की जद में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देश भी आ रहे हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने फिलहाल ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों को उतारने की संभावना से इनकार किया है।
युद्ध के सातवें दिन अब चर्चा इस बात की है कि क्या यह संघर्ष जमीनी जंग में तब्दील होगा। ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिकी सेना के जमीनी हमले का ‘इंतजार’ कर रहे हैं ताकि उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस युद्ध से उपजे मानवीय संकट और वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को लेकर बेहद चिंतित है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता का माहौल है। यदि हमले जल्द नहीं रुके, तो आने वाले दिनों में यह संकट एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे जान-माल का और अधिक नुकसान होना तय है।

