नयी दिल्ली, 05 मार्च (वार्ता) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को सर्वाइकल कैंसर को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य एवं सम्मान भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है तथा सरकार महिलाओं को रोके जा सकने वाले रोगों से सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
श्री नड्डा ने आज विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन मेंकहा कि सर्वाइकल कैंसर आज भी विश्व और भारत में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने रोकथाम, स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान और समय पर उपचार पर आधारित बहुआयामी रणनीति अपनायी है।
श्री नड्डा ने बताया कि देश में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी एनसीडी) के तहत जनसंख्या आधारित स्क्रीनिंग कार्यक्रम का व्यापक विस्तार किया गया है। इसके अंतर्गत 30 से 65 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के लिए एसिटिक एसिड के साथ देखकर परीक्षण (विज़ुअल इंस्पेक्शन) (वीआईए) पद्धति से सर्वाइकल कैंसर की जांच देशभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने बताया कि अब तक इस कार्यक्रम के तहत 8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
उन्होंने भारत के सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत 14 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 1.2 करोड़ किशोरियों को टीका लगाया जाएगा, जो किशोरियों के स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।
श्री नड्डा ने कहा कि यह पहल ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य में रोकथाम, सुरक्षा और समानता को केंद्र में रखा गया है। यह अभियान 90 दिनों तक चलाया जायेगा और इसमें गार्डासिल क्वाड्रिवैलेंट वैक्सीन की एकल खुराक दी जाएगी, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की सिफारिशों के अनुरूप है। यह टीका सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में डिजिटल तकनीकों का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। हर टीकाकरण कार्यक्रम को यू विन डिजिटल इम्यूनाइजेशन प्लेटफॉर्म (टीकाकरण पटल) पर दर्ज किया जा रहा है, जिससे वास्तविक समय में निगरानी संभव हो रही है। वहीं टीकों के भंडारण और कोल्ड-चेन व्यवस्था की निगरानी इलेक्ट्रानिक वैक्सनी इंटेलीजेंस नेटवर्क (ईविन) के माध्यम से की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने देश के अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि समुदायों तक पहुंच बनाने, जागरूकता बढ़ाने और अभियान को सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने ने कहा कि भारत 2030 तक सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन के लिए डब्ल्यूएचओ की वैश्विक रणनीति और 90-70-90 लक्ष्यों का पूर्ण समर्थन करता है। इन लक्ष्यों के तहत 90 प्रतिशत किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण, 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग और 90 प्रतिशत प्रभावित महिलाओं को उचित उपचार उपलब्ध कराना शामिल है।
संवाददाता सम्मेलन में में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने मोटापा, एचआईवी/एड्स और सर्वाइकल कैंसर जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और वैज्ञानिक नवाचार को अत्यंत आवश्यक बताया।
डॉ. टेड्रोस ने कहा कि एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में दुनिया ने उल्लेखनीय प्रगति की है और डब्ल्यूएचओ ने नौ देशों में एचआईवी रोकथाम कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सहयोग दिया है। उन्होंने हाल ही में मनाए गए अंतरराष्ट्रीय एचपीवी जागरूकता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के वैश्विक संकल्प की याद दिलाता है। उन्होंने भारत सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया एचपीवी टीकाकरण अभियान दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान है। इसके तहत हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ किशोरियों को टीका लगाया जाएगा, जो भविष्य की पीढ़ियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. टेड्रोस ने बताया कि भारत में हर साल लगभग 80,000 से अधिक महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से होती है और करीब 42,000 नए मामले सामने आते हैं। ऐसे में एचपीवी टीकाकरण और समय पर स्क्रीनिंग जैसे रोकथाम उपाय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
संवाददाता सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री एरॉन मोटसोलेदी भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और भारत द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना की।
