मुंबई, 5 मार्च (वार्ता) बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने गुरुवार को बताया कि उसने दीर्घकालिक परिपक्वता वाले हरित अवसंरचना बाँड जारी करके 10,000 करोड़ रुपये जुटाए। ये बांड 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ जारी किये गये हैं।
बैंक ने कहा है कि वह घरेलू बाजार में इस तरह के बांड जारी करने वाला देश का पहला बैंक है। इस निर्गम में कुल 16,415 करोड़ रुपये के बाँड के लिए बोलियां मिलीं जो मूल रूप से 5,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के तीन गुने से भी ज्यादा रहा। इस निर्गम में 5000 करोड़ रुपये का ग्रीन शू विकल्प (मांग ज्यादा होने पर निर्गम के विस्तार का विकल्प) रखा गया था।
बैंक ने कहा है कि 7.10 प्रतिशत की प्रतिस्पर्धी कट-ऑफ कूपन दर निवेशकों के मज़बूत भरोसे को दिखाती है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक और सीईओ डॉ. देबदत्त चंद ने कहा, ” यह ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड निर्गम बैंक के लिए एक अहम पड़ाव है और भारत के घरेलू ईएसजी बांड (पर्यावरण, सामाजिक एवं संचालन व्यवस्था से जुड़े बॉन्ड बाजार) के लिए एक महत्वपूर्ण घड़ी है। यह कोष देश की इंफ्रास्ट्रक्चर ज़रूरतों में मदद करेगा और विकास को ज्यादा स्वच्छ , स्वस्थ और हरे-भरे मार्ग की ओर परिवर्तित करेगा।”
इस निर्गम से जुटाई गयी पूंजी को बैंक नियमों के तहत पत्र हरित परियोजनाओं में लगाया जाएगा। केयर रेटिंग्स और इक्रा ने ने बॉन्ड्स को स्टेबल आउटलुक के साथ ‘3ए’ रेटिंग दी है।
