नयी दिल्ली, 05 मार्च (वार्ता) पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार शाम भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र के मुद्दों पर आधारित प्रतिष्ठित 11वें रायसीना डायलॉग का यहां उद्घाटन करेंगे। फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्ज़ेंडर स्टब तीन दिवसीय संवाद सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और मुख्य भाषण देंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि संवाद सम्मेलन में 110 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, सांसद, सैन्य कमांडर, उद्योग जगत के नेता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, पत्रकार, रणनीतिक मामलों के विद्वान, प्रमुख थिंक टैंकों के विशेषज्ञ और युवा शामिल होंगे।
रायसीना डायलॉग भारत का प्रमुख सम्मेलन है, जो भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर केंद्रित है और इसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मौजूद सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाती है। 11वें रायसीना डायलॉग में 2026 संस्करण का विषय “संस्कार – दृढ़ता, समायोजन और प्रगति” है। तीन दिनों के दौरान विश्व के नीति-निर्माता और विचारक प्रमुख विषयगत स्तंभों के अंतर्गत विभिन्न प्रारूपों में चर्चा करेंगे। इनमें विवादित सीमाएँ: शक्ति, ध्रुवीयता और परिधि साझा संसाधनों : नए समूह, नए संरक्षक, नए रास्ते अंतिम घड़ी: जलवायु, संघर्ष और देरी की कीमत टैरिफ के दौर में व्यापार: पुनर्प्राप्ति, लचीलापन और पुनर्निर्माण शामिल हैं।
लगभग 110 देशों के 2700 प्रतिभागी इस संवाद में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे, और इसकी कार्यवाही को दुनिया भर में विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाखों लोग देखेंगे।

