दंतेवाड़ा | बस्तर क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के मार्गदर्शन में डीआरजी (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने बुधवार रात गीदम क्षेत्र के गुमलनार और नेलगोड़ा के जंगलों में एक सटीक ऑपरेशन को अंजाम दिया। विश्वसनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई इस सर्चिंग के दौरान करीब 10 सशस्त्र नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली बैकफुट पर आ गए। अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर कई माओवादी भागने में सफल रहे, लेकिन एक दुर्दांत नक्सली मौके पर ही मारा गया।
मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस को एक पुरुष नक्सली का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान 5 लाख रुपये के इनामी राजेश पुनेम के रूप में हुई है। राजेश भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था और बीजापुर के बुरजी गांव का निवासी था। मौके से पुलिस ने युद्धक स्तर के हथियारों का जखीरा बरामद किया है, जिसमें एक एसएलआर (SLR) रायफल, एक इंसास (INSAS) रायफल, एक पिस्टल, वॉकी-टॉकी सेट और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल पर मिले खून के धब्बों से अनुमान लगाया जा रहा है कि कई अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं।
दंतेवाड़ा पुलिस का यह सफल ऑपरेशन बस्तर में माओवादियों के घटते आधार का प्रमाण है। उप पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार उयके के नेतृत्व में सभी जवान पूरी तरह सुरक्षित वापस लौट आए हैं। गौरतलब है कि साल 2026 की शुरुआत से ही सुरक्षा बलों ने सुकमा और बीजापुर जैसे इलाकों में दर्जनों बड़े इनामी नक्सलियों को ढेर कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च तक चलने वाले विशेष सर्चिंग अभियान के तहत नक्सल उन्मूलन की कार्रवाई और तेज की जाएगी ताकि क्षेत्र में शांति और विकास की बयार बह सके।

