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निकोसिया, 02 मार्च (वार्ता/शिन्हुआ) साइप्रस के दक्षिणी तट पर अक्रोटिरी में ब्रिटिश एयरबेस पर सोमवार सुबह एक ड्रोन ने हमला किया। बेस अधिकारियों और साइप्रस सरकार ने यह जानकारी दी है।
बेस के अधिकारियों ने बताया कि एक ‘छोटे ड्रोन’ ने विमान क्षेत्र पर हमला किया । इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन थोड़ा नुकसान जरूर हुआ है।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के हमले अभी और भी हो सकते हैं।
यह हमला ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस ऐलान के तुरंत बाद हुआ कि वह अमेरिका को ‘ईरानी मिसाइलों को वहीं नष्ट करने’ के लिए ब्रिटिश सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देंगे।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने पहले कहा था कि श्री स्टारमर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बेस लक्ष्य नहीं था। साइप्रस सरकार के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेटिम्बियोटिस ने कहा कि अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं और ब्रिटिश बेस अधिकारियों और लंदन में ब्रिटिश सरकार के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं।
दक्षिणी तटीय शहर लिमासोल के लोगों ने एक धमाका और सायरन सुनने की बात कही। बेस के पास रहने वाले कुछ लोगों ने वीडियो पोस्ट किए जिनमें विमान उड़ान भरते दिख रहे थे।
स्थानीय मीडिया ने अपुष्ट खबरों का हवाला देते हुए कहा कि ड्रोन शायद शाहेद 136 था, जो एकतरफा ड्रोन हमला था जिसका इस्तेमाल पहले ईरानी हमलों में किया गया था।
उन्होंने यह भी बताया कि एक निगरानी विमान सोमवार सुबह करीब तीन घंटे तक साइप्रस के दक्षिण में चक्कर लगाता रहा और स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 4 बजे तक हवा में ही रहा।
