
मथुरापुर/ कोलकाता, 02 मार्च (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ चुनावी अभियान को तेज करते हुए सोमवार को कहा कि इस बार भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) का लक्ष्य मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को हटाकर पार्टी की सरकार बनाना और राज्य को घुसपैठियों से मुक्त कराना है।
श्री शाह ने दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर में ‘परिवर्तन यात्रा’ को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल शासन में बंगाल घुसपैठियों का गढ़ बन गया है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन का मतलब है बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना, भ्रष्टाचार से मुक्त करना और तृणमूल सरकार को हटाना है। उन्होंने दावा किया कि यदि फिर से तृणमूल सत्ता में आई तो राज्य का संचालन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं, बल्कि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी करेंगे।।
श्री शाह ने सुश्री बनर्जी पर हमला बोलते हुये राज्य बजट में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित करने और मदरसों के लिए 5,700 करोड़ रुपये प्रावधान की बात कही। उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया और कहा कि इससे राज्य का विकास संभव नहीं है।
श्री शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल पर लगभग आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और प्रत्येक नवजात पर 77,000 रुपये का कर्ज आ जाता है। उन्होंने कहा कि बंगाल का नाम लेते ही भ्रष्टाचार की छवि सामने आती है।
श्री शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की गारंटी है कि एक भी हिंदू शरणार्थी की नागरिकता नहीं जाएगी। उन्होंने सुश्री बनर्जी पर सीएए का विरोध करने का आरोप लगाया।
श्री शाह ने कहा कि पहले वाम शासन और फिर टीएमसी सरकार ने बंगाल को गरीबी की ओर धकेला। अब समय है कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार किया जाए।
श्री शाह ने बताया कि पूरे राज्य में कुल नौ परिवर्तन यात्राएं निकाली जाएंगी। यह यात्रा सिलीगुड़ी, नवद्वीप, मेदिनीपुर और पुरुलिया से शुरू हो चुकी है, जबकि मालदा, हुगली, बर्धमान, उत्तर 24 परगना और मथुरापुर से नये चरण प्रारंभ किये गये हैं।
भाजपा नेताओं के अनुसार, यह यात्रा केवल मुख्यमंत्री बदलने का अभियान नहीं, बल्कि “व्यवस्था परिवर्तन” का संकल्प है। पार्टी का दावा है कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर “घुसपैठिया-मुक्त बंगाल” का संदेश देंगे।
