कोलकाता, 02 मार्च (वार्ता) वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 विश्व कप के सुपर-आठ के अहम मुकाबले में नाबाद 97 रनों पारी खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन ने कहा कि मैंने विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को खेलता देख मैच को फिनिश करना सीखा है। मुझे इस दिन का इंतजार था।
सैमसन ने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कार लेने के बाद कहा, “यह मेरे लिए मुकम्मल दुनिया मिलने का समान है। जिस दिन से मैंने खेलना शुरू किया मैंने सपना देखा था कि भारत के लिए खेलूंगा। मुझे लगता है कि मैं इसी दिन का इंतजार था। मैं ईश्वर का बहुत शुक्रगुजार हूं। उन्होंने कहा मैं पिछले 10-12 साल से आईपीएल खेल रहा हूं और पिछले 10 साल से भारत के लिए खेल रहा हूं। मैं डगआउट में बैठकर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों को खेलते देखा है और इस दौरान मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने शायद 50 या 60 मैच ही खेले होंगे लेकिन 100 के करीब मुकाबले मैंने बाहर बैठकर देखे होंगे और मैंने इस दौरान यह देखा है कि कैसे इस खेल के महान खिलाड़ी गेम को फिनिश करते हैं।”
सैमसन ने कहा, “मैरी यह यात्रा बेहद खास और उतार-चढ़ाव भरी रही है। मैंने बहुत समय स्वयं पर संदेह करते बिताया है, यह सोचते हुए कि ‘क्या मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।’ लेकिन मैंने स्वयं पर भरोसा करना जारी रखा और मैं ईश्वर का शुक्रगुजार हूं जो उन्होंने आज मेरे ऊपर अपना आशीर्वाद बनाए रखा। पिछले मैच में हम पहले बल्लेबाजी कर रहे थे इसलिए वहां बड़ा स्कोर खड़ा करना जरूरी था। लेकिन यह मैच पूरी तरह से अलग था। मुझे नहीं लगता था कि मैं इस तरह की कोई विशेष चीज कर पाऊंगा लेकिन मैं अपनी भूमिका पर ध्यान केंद्रित कर रहा था और मैंने साझेदारियां बनाने पर ध्यान दिया। मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सबसे बड़े दिनों में से एक है।”
भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, “मैं हमेशा से कहते आया हूं कि अच्छे लोगों के साथ हमेशा अच्छा होता है, जो इंतजार करते हैं और जिनके पास धैर्य होता है। अभी उनसे (सैमसन) मिलने पर भी मैंने उन्हें यही कहा। लेकिन यह सब उनके कठिन परिश्रम का नतीजा है। जब वह नहीं खेल रहे थे तो वह बहुत मेहनत कर रहा था। और उन्हें सही मौके पर इसका फल मिला।”
