नई दिल्ली | शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल के बरी होने के बाद विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने केजरीवाल के बरी होने को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ एक ‘फिक्स्ड मैच’ करार दिया है। कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि 2027 में होने वाले पंजाब, गोवा और गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को नुकसान पहुँचाने के लिए यह पटकथा लिखी गई है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि जब केजरीवाल जेल में थे, तब सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल का साथ दिया था, लेकिन बाहर आते ही केजरीवाल ने फिर से गांधी परिवार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है, जो उनकी एहसानफरामोशी को दर्शाता है।
कांग्रेस का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार बीजेपी की ‘बी टीम’ के रूप में काम कर रही है। साल 2022 के गुजरात चुनावों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने कहा कि AAP ने 13 प्रतिशत वोट काटकर बीजेपी की राह आसान की थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारी चंदन यादव ने ईटीवी भारत से चर्चा में कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ 30 से अधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन वे कभी केजरीवाल की तरह कैमरों के सामने नहीं रोए। उन्होंने केजरीवाल को याद दिलाया कि वे शीला दीक्षित और मनमोहन सिंह पर लगाए गए उन आरोपों के लिए माफी मांगें जो कभी साबित नहीं हो सके। कांग्रेस का मानना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के बाद केजरीवाल अब अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए फिर से पुराने हथकंडे अपना रहे हैं।
शनिवार को बरनाला (पंजाब) में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा भगवंत मान सरकार पर किए गए हमलों ने आग में घी डालने का काम किया है। खड़गे ने तंज कसते हुए कहा था कि अगर केजरीवाल बेगुनाह होते तो जनता उन्हें दिल्ली चुनाव में नहीं हराती। कांग्रेस का कहना है कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बावजूद केजरीवाल सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पी. चिदंबरम जैसे वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जांच फिर से शुरू करना और केजरीवाल को सबूतों के अभाव में छोड़ना बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में गुजरात और पंजाब के दौरों के दौरान दोनों पार्टियों के बीच यह जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।

