ब्यावरा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द शुक्ल रविवार को भोपाल से गुना जाते समय कुछ समय के लिए हाईवे पर रुके, मंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कार्य संबंधित जानकारी ली, वहीं स्वास्थ्य विभाग प्रबंधन द्वारा चिकित्सकों एवं स्टॉफ की कमी से अवगत कराया. जिस पर मंत्री द्वारा चिकित्सकों एवं स्टॉफ की कमी को पूरा करने हेतु आश्वस्त किया गया.
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से गुना की ओर जाते समय दोपहर में कुछ समय के लिए स्थानीय हाईवे ट्रीट के यहां रुके. यहां पर उनके द्वारा जिले एवं स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. ट्रामा सेंटर के संदर्भ में उन्होंने इसके संचालन हेतु समुचित चिकित्सक, स्टॉफ सुविधा दिए जाने का भरोसा दिलाया.
आधा ही स्टॉफ, कई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
सौ बिस्तरों वाले स्थानीय सिविल अस्पताल में चिकित्सकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा नर्सिंग स्टॉफ की काफी कमी है. ब्यावरा सिविल अस्पताल में नियमित एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के लगभग 17 पद है, जिनमें से वर्तमान में 10 ही चिकित्सक है. इनमें भी हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हुए है. साथ ही नर्सिंग स्टॉफ में भी पद रिक्त है, ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, स्वास्थ्य मंत्री श्री शुक्ल द्वारा जल्द ही चिकित्सकों, स्टॉफ की कमी को पूरा करने हेतु आश्वस्त किया गया.
विशालकाय भवन है पर ईलाज करने वालों की कमी
जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पातालों सहित उप स्वास्थ्य केन्द्रों में वर्षो से चिकित्सक, स्टॉफ की कमी बनी हुई है. शासन द्वारा भले ही करोड़ों रुपये से विशालकाय अस्पाताल भवन बना दिए गये, संसाधन जुटा दिए गये है किंतु चिकित्सक, स्टॉफ की कमी के चलते कई जगह यह विशालकाय भवन, संसाधन शोपीस बने हुए है, इनका उचित उपयोग होकर आमजन को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके इसकेे लिए जरुरी है कि चिकित्सक, स्टॉफ की कमी को दूर किया जाये.
हाईवे के संगम वाले अस्पताल में नहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ
नगर से दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरे है, ऐसे में यहां पर काफी यातायात का दबाव रहता है, आये दिन सडक़ दुर्घटनाओं के मामले आते रहते हैै, बावजूद इसके स्थानीय सिविल अस्पाताल में कई वर्षो से हड्डी रोग विशेषज्ञ के नहीं होने से सडक़ दुर्घटनाओं में घायल होने वालों एवं हड्डी संबंधी मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. थोड़ी बहुत हड्डी में परेशानी के चलते उन्हें जिला चिकित्सालय या अन्य जगह बाहर जाकर उपचार कराना पड़ता है.
