खिलचीपुर: कृषि उपज मंडी में इन दिनों उपज की बंपर आवक हो रही है. बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उनके लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री आरएस 5 भोजन योजना जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही है. मामले में किसानों शनिवार ने को अपना गुस्सा जाहिर किया. किसानों का आरोप है कि योजना कागजों में तो है, पर मंडी परिसर में सस्ता भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा. कई किसान रात से ही अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन सुबह उन्हें भोजन की व्यवस्था नहीं मिलती.
डिंगलिया खेड़ी के किसान रामबाबू दांगी ने बताया कि वे शुक्रवार रात से मंडी में रुके थे, लेकिन सुबह योजना के तहत भोजन नहीं मिला. मजबूरी में उन्हें 20 रुपये देकर नाश्ता लेना पड़ा. किसानों का आरोप है कि मंडी में योजना के तहत सस्ता भोजन देने के बजाय पोहा, जलेबी और समोसे बाजार दर से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे है. इतना ही नहीं, परिसर में गुटखा और पान मसाला की बिक्री भी खुलेआम हो रही है.
कुछ माह पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने मंडी का निरीक्षण कर मंडी सचिव से भोजन व्यवस्था शुरू करने और होटल संचालन व गुटखा-पान मसाला बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी. खिलचीपुर एसडीएम अंकिता जैन ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है. जांच की जाएगी कि आरएस5 भोजन योजना के तहत किसानों को भोजन क्यों नहीं मिल रहा और मंडी परिसर में गुटखा-पान मसाला की दुकान कैसे संचालित हो रही है. वहीं मंडी सचिव गोवर्धन लाल दांगी का कहना है कि किसानों को भोजन दिया जा रहा है और शनिवार को 8 से 10 किसानों को भोजन टोकन वितरित किए गए.
