
बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील के चोपना बाजार में आज प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स और दुकानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया।
ये कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा अतिक्रमणकारियों की अपील खारिज किए जाने के बाद की गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को हटाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि चोपना के मुख्य बाजार क्षेत्र में भाजपा नेता तपन विश्वास द्वारा शासकीय भूमि पर कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया था। इस कॉम्प्लेक्स में करीब 12 से 15 दुकानें बनाई गई थीं, जिनमें से कुछ दुकानों की बिक्री भी की जा चुकी थी। यह निर्माण बिना वैध अनुमति के सरकारी जमीन पर किया गया था, जिसे जांच में अवैध पाया गया।
कार्रवाई के दौरान घोड़ाडोंगरी के एसडीएम प्रपंज आर, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे और किसी प्रकार का विरोध या अवरोध न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के पालन में की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले की शिकायत करीब पांच वर्ष पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दुकानें और कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं। जांच के बाद तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। इस क्रम में तपन विश्वास को 40 हजार रुपए का जुर्माना भरने का नोटिस भी जारी किया गया था।
हालांकि, अतिक्रमण हटाने के आदेश के खिलाफ तपन विश्वास ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इस कारण कार्रवाई लंबित रही। हाल ही में हाईकोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
एसडीएम प्रपंज आर ने बताया कि इस कार्रवाई में तपन विश्वास सहित तीन से चार अन्य लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और किसी भी व्यक्ति को नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वहीं, तपन विश्वास ने प्रशासन की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चोपना बाजार में कई अन्य स्थानों पर भी अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों पर की जा रही है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उनके अतिक्रमण को हटाने के बाद अन्य दुकानदारों पर दबाव बनाया जा सकता है।
प्रशासन ने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुसार अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
