सीधी:गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही जिले में पेयजल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। नल-जल योजना के अंतर्गत स्थापित पानी की टंकियां कई स्थानों पर मात्र शो-पीस बनकर रह गई हैं। जिन पंचायतों में टंकियों से जल आपूर्ति संभव है, वहां भी रखरखाव के अभाव में व्यवस्थाएं ठप पड़ने की कगार पर हैं।
ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पूरी तरह हैंडपंपों पर निर्भर हो जाती है। लेकिन अनेक स्थानों पर हैंडपंप आवश्यक सामग्री के अभाव में खराब पड़े हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में हैंडपंप पाइप की उपलब्धता न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में नागरिक पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं। तापमान बढ़ने के साथ जलस्तर नीचे जाने और हैंडपंपों के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। यदि समय रहते पाइप एवं अन्य आवश्यक मरम्मत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई तो जिले में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से पीएचई विभाग में पर्याप्त मात्रा में हैंडपंप पाइप एवं मरम्मत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुचारु बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।जनहित को ध्यान में रखते हुए इस विषय में शीघ्र ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
