ग्वालियर: राजमाता कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में टीचेबल मशीन के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञ वक्ता डॉ. दुष्यंत, कंटेंट वाइब्स, करनाल (हरियाणा) ने बताया कि किस प्रकार बिना जटिल कोडिंग के एआई मॉडल तैयार कर वस्तुओं और कृषि तत्वों की पहचान की जा सकती है।
यह प्रशिक्षण विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है, ताकि वे अपनी शैक्षणिक उपाधि के साथ-साथ करियर के प्रति भी सजग और तकनीकी रूप से दक्ष बन सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता डॉ. वाई. पी. सिंह ने की। समापन अवसर पर डॉ. एच. एल. खपेडिया ने धन्यवाद किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार तरवरिया, डॉ. देवेंद्र कुमार इनवाती, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. रविन्द्र सोलंकी, डॉ. दीपक सरन, हरि मोहन जाटव सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित थे।
