जबलपुर: महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान 3 चरणों में चलाया जाएगा। 28 फरवरी से अगले 3 माह के लिए प्रथम चरण शुरू हो रहा है जिसमें 14 से 15 वर्ष की आयु वाली बच्चियों को एचपीवी का टीका लगाया जाएगा। इसके बाद विभिन्न चरणों में 9-14 वर्ष की आयु की लड़कियां शामिल होंगी।
केंद्र ने 2 खुराक की जगह एक खुराक वाली टीकाकरण प्रणाली को अपनाने का फैसला किया है। टीकाकरण अभियान पूरी तरह मुफ्त होगा, जबलपुर जिले में कल कुल 13 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं पर दोपहर 12 से 2:00 बजे तक टीकाकरण होगा।जबलपुर जिले में टीकाकरण अभियान के पहले 90 दिनों के दौरान, जन्म तिथि के अनुसार 14 से 15 वर्ष की आयु की 29499 बच्चियों को टीका लगाया जाना है । 14 वर्ष की आयु की लड़कियां यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर टीके के लिए स्लॉट बुक कर सकतीं हैं। टीकाकरण प्रक्रिया उसी तरह होगी, जैसी कोरोना महामारी के दौरान को-विन का उपयोग करके टीकाकरण के लिए अपनाई गई थी।
इन केंद्रों में लगेंगे टीका
सेठ गोविंद दास जिला चिकित्सालय, रानी दुर्गावती एल्गिन अस्पताल, सिविल अस्पताल राँझी, मेडिकल कॉलेज, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनमोहन नगर, मोतीनाला प्रसूतिका गृह, तथा ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरगी, पनागर, शहपुरा, कुंडम, सिहोरा, पाटन और मझौली ।
सर्वाइकल कैंसर क्या है
देश में हर साल इसके 1.25 लाख नए मामले आते हैं। सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से से जुड़ा होता है। यह बीमारी 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में होती है। अगर किशोर अवस्था में ही एचपीवी वैक्सीन लगवा ली जाए तो इसके होने की संभावना कम हो सकती है, सर्वाइकल महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद दूसरा सबसे आम कैंसर है। अगर महिलाओं में एचपीवी संक्रमण लगातार बना हुआ है तो लगभग 85 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना है। देश में हर साल 12 लाख महिलाओं को यह बीमारी प्रभावित करती है और करीब 75,000 महिलाओं की जान लेती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा ने बच्चियों के अभिभावकों से अपनी बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी का टीका अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र पर जाकर लगवाने की अपील की है।
