
परासिया। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से नगर में जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। लोगों को 5 से 6 दिनों के अंतराल में जलापूर्ति होने से यह माना जाने लगा है कि मई और जून माह में स्थिति और विकराल रूप ले सकती है। अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है, जबकि शहरवासियों को आगामी चार माह तक इसी समस्या से जूझना पड़ सकता है।
करोड़ों रुपये की लागत से पेंच नदी पर बनाया गया एनीकेट डैम तकनीकी खामियों के कारण पानी नहीं रोक पा रहा है। बताया जा रहा है कि डैम में कुछ ही सप्ताह का पानी शेष रह गया है, जिससे नगर में जल संकट की आशंका गहराने लगी है।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को कांग्रेस पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि परिषद की नाकामी और लापरवाही के कारण शहर में अभी से भीषण जल संकट उत्पन्न हो गया है। नलों में पानी 6–7 दिनों के अंतराल में आ रहा है, लेकिन जल प्रबंधन को लेकर परिषद द्वारा कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि करोड़ों रुपये की लागत से बने एनीकेट डैम का पानी तकनीकी खामियों के चलते बीच में ही बह गया। इसके बावजूद डैम के जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कांग्रेस ने कहा कि मई–जून में खोदे जाने वाले डगवेल फरवरी माह में ही खोदे जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि पूर्व में नगरपालिका द्वारा एनीकेट डैम के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि डैम की निर्माण एजेंसी लक्ष्मी सिविल नागपुर से विधिवत हेंडओवर नहीं लिया गया। इसके बाद भी नियमों के विपरीत ठेकेदार से जीर्णोद्धार कराया गया, जिससे नगरपालिका और जनता दोनों के पैसों की हानि हुई। वर्तमान स्थिति यह है कि बांध में एक बूंद पानी भी नहीं है और इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
ज्ञापन देने के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कमल राय, समन्वयक बसंत मालवीय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह, पार्षद पूनम कैथवास, प्रतिभा सोनी, विवेक मिश्रा, सावित्री वर्मा, ब्रजेश भालवी, प्रतिमा बैस, क्षेत्रीय अध्यक्ष राजा राय, अशोक शर्मा, मनीष बैन, मुकुल दुबे, बिट्टू डेहरिया, आकाश यदुवंशी, स्वप्निल करानिया, इंदू खान सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
