दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए बरी, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट को नकारा, फैसले के बाद भावुक हुए केजरीवाल

नई दिल्ली | दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कथित आबकारी घोटाले के सीबीआई मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ कोई भी आपराधिक साजिश साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। कोर्ट ने सीबीआई द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘साउथ ग्रुप’ जैसे शब्दों पर भी कड़ी नाराजगी जताई और पूछा कि ऐसे शब्द किसने गढ़े? जज ने टिप्पणी की कि चार्जशीट में दिए गए दस्तावेज दावों से मेल नहीं खाते, जिसके आधार पर दोनों नेताओं को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।

अदालत द्वारा बरी किए जाने का आदेश सुनते ही अरविंद केजरीवाल बेहद भावुक हो गए और मीडिया के सामने उनके आंसू छलक पड़े। लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई और जेल की सजा काटने के बाद मिली इस राहत पर केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत बताया। केजरीवाल की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने दलील दी थी कि पहले तीन चार्जशीट में केजरीवाल का नाम तक नहीं था और उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किए गए। मनीष सिसोदिया के लिए भी यह बड़ी जीत है, जिन्हें इस मामले में लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ा था।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद 26 जून 2024 को सीबीआई ने उन्हें अपनी कस्टडी में लिया था। इस मामले में के. कविता सहित 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद आज निचली अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले ने दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी ने इसे ईमानदारी की जीत करार दिया है, जबकि कानूनी जानकारों का मानना है कि सीबीआई के पास ठोस सबूतों के अभाव के कारण यह केस टिक नहीं सका।

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