
जबलपुर। सिहोरा बवालकांड में दूसरे पक्ष के आरोपियों को भी झटका लगा है। जेएमएफसी अजय उइके की अदालत ने मस्जिद में तोडफ़ोड़ और मारपीट करने वाले दूसरे पक्ष के आरोपियों की जमानत अर्जिया निरस्त कर दी है। इससे पहले विगत दिवस अदालत ने मुस्लिम पक्ष के आरोपियों की जमानत अर्जियां निरस्त की थी।
मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजकुमार शर्मा ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि मामला 19 फरवरी 2026 की रात का है। फरियादी रहूप शाह ने सिहोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह मुबारक शाह और अन्य लोगों के साथ बाबा साहब की मजार के पास खड़े थे, तभी आजाद चौक की घटना को लेकर पृथ्वी चौहान, जितेन्द्र उर्फ जित्तू बर्मन, भगत चौहान, कल्लू गुप्ता, राहुल श्रीवास्तव, सक्षम गुप्ता, करिया झारिया और उसका भाई अपने साथ 25 से 30 अन्य लोगों को लेकर वहां पहुंच गए। जिनके हाथों में लाठी, डंडे, रॉड और तलवारें थीं। आरोपियों ने मजार में घुसकर तोडफ़ोड़ की, दान पेटी तोड़ दी और वहां रखा करीब 15 हजार रुपये का चांदी का छत्र चोरी कर ले गए। घटना के दौरान आरोपियों ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाईए बल्कि वहां मौजूद लोगों के साथ गाली-गलौज भी की। डर के कारण लोग वहां से भाग गए। आरोप है कि आरोपियों ने मुबारक शाह के घर के सामने खड़ी उसकी मोटर साइकिल और चार पहिया वाहन में भी तोड़ फोड़ की। साथ ही घर में लगा सीसीटीवी कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पूरी घटना को मुबारक शाह, जाहिद अली शाह, शाहनशा शाह और अन्य लोगों ने देखा था। जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को जेल में निरुद्ध कराया। आरोपी बनवारी, राहुल, करण उर्फ राजू, सक्षम उर्फ रामजी और जीतेन्द्र उर्फ जित्तू ने न्यायालय में जमानत के लिए उक्त आवेदन पेश किया था। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।
