युवाओं के प्रदर्शन को साजिश बताना साबित करता है कि सरकार में बैठे लोग खो चुके हैं संतुलन : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि सरकार युवाओं के विरोध को कुचलने का काम कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है और उसे समझ नहीं आ रहा है कि विरोध के स्वरों को दबाने के चक्कर में युवाओं के मुद्दे और मुखर हो रहे हैं।

कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य तथा पार्टी प्रवक्ता डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी सरकार युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह का बर्ताव कर रही है वह उसके अहंकार का प्रदर्शन है। शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र में आवश्यक है और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का विरोध भी लोकतंत्र की आत्मा की आवाज का प्रतीक था लेकिन सरकार ने युवाओं की आवाज को दबाने का जो प्रयास किया है वह गलत है और उसे समझना चाहिए कि आवाज को जितना दबाओगे वह उतनी ही मुखर होकर आएगी।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं-लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं-उसकी ताकत है। लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है और सवालों का जवाब देती है। इससे जवाबदेह दिखती है लेकिन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भारत मंडपम में किये गये प्रदर्शन को सरकार साजिश बता रही है। सरकार को लोकतंत्र में हर गतिविधि साजिश ही लग रही है और इसे देखकर यही लगता है कि सरकार में बैठे लोग संतुलन खो बैठे हैं।

श्री सिंघवी ने कहा कि युवाओं के खिलाफ ऐसी धाराओं में मामले दर्ज किए गये हैं कि जैसे वे किसी के निजी घर में घुसे हों। उनका कहना था कि भारत मंडपम सार्वजनिक स्थल है। वह घर नहीं है और भारत मंडपम को घर के साथ जोड़ना ठीक नहीं है इसलिए इस मामले जो लोग तर्क दे रहे हैं कि किसी के घर में घुसकर प्रदर्शन करना गलत है, इस मामले इस तरह की बात करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी युवाओं पर अनुच्छद 121 यानी जानबूझकर शारीरिक चोट पहुँचाने, लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने वाले अपराध के लिए बने अनुच्छेद 132, दंगा नियंत्रित करते समय लोक सेवक को बाधित करने के मकसद से किये गये हमले में लगने वाले अनुच्छेद 195, विधिवत जारी आदेश की अवहेलना करने वालों पर लगने वाले अनुच्छे 223, गैरकानूनी सभा का सदस्य होने पर अपराध का दोषी पाये जाने पर अनुच्छेद 190, समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने वालों पर लगने वाले अनुच्छेद 153 ए, ऐसे आरोप या कथन जो राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक मामलों में लगने वाले अनुच्छेद 197 तथा आपराधिक षंडयंत्र जैसी अनुच्छेद में युवाओं पर मामले लगाए गये हैं जो बहुत गलत है और इसीलिए यह कहना उचित है कि सरकार में बैठे लोग संतुलन खो चुके हैं।

 

 

 

Next Post

कलेक्ट्रेट कार्यालय पर किसानों ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन 

Thu Feb 26 , 2026
इंदौर। आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में पूर्वी रिंग रोड और इंदौर मनमाड़ रेल परियोजना के किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर चार गुना मुआवजा और सड़क का अलॉयमेंट बदलने की मांग कर रहे थे। इंदौर प्रस्तावित 164 किलोमीटर के पूर्वी रिंग रोड […]

You May Like