नयी दिल्ली, 26 फरवरी (वार्ता) दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राजधानी का ऊर्जा क्षेत्र केवल दिल्ली वासियों की जरूरतें पूरी नहीं करे बल्कि देश का अग्रणी मॉडल बने।
श्री सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में आज चांदनी चौक क्षेत्र में बिजली की ऊपरी लाइनों को भूमिगत करने के कार्य के शुभारंभ के साथ ऊर्जा संबंधित कई और परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास नहीं, बल्कि उस विश्वास का उत्सव है जो दिल्ली की जनता ने एक वर्ष पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जताया था।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में बिजली क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार नहीं किया गया। न तो ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने का दीर्घकालिक विज़न था, न ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण की कोई रणनीति और न ही संरचनात्मक आधुनिकीकरण पर ध्यान दिया गया। नई सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि दिल्ली का पावर सेक्टर केवल जीवित न रहे बल्कि देश का अग्रणी मॉडल बने।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक की ऐतिहासिक सड़कों पर 52.5 किलोमीटर नेटवर्क बिजली तारों को भूमिगत किया जाएगा। इसके साथ 500 से अधिक फीडर पिलर, सजावटी पोल और डिजिटल ट्विन तकनीक के माध्यम से नेटवर्क को सुरक्षित, सक्षम और रेसिलिएंट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल वायरिंग का कार्य नहीं, बल्कि अर्बन डिग्निटी की बहाली है।
उन्होंने कहा कि मंडोली में स्थापित किए जा रहे 66 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लिए गेम-चेंजर होंगे। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 1.5 लाख उपभोक्ताओं, अस्पतालों, आवासीय कॉलोनियों और छोटे उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। किलोकरी में स्थापित 20 मेगावाट के बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीएसईएस) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत का पहला व्यावसायिक रूप से स्वीकृत स्टैंडअलोन प्रोजेक्ट और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसे देखने अंतरराष्ट्रीय सोलर एलायंस के 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दिल्ली आए। यह दिल्ली के इंटेलिजेंट ग्रिड ट्रांजिशन का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि आज चार नए बीएसईएस प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी गई है, जिससे 55 मेगावाट अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता जुड़ेगी और लगभग ढाई लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। यह प्रणाली पीक डिमांड के समय ग्रिड को स्थिर करेगी, ईएचवी नेटवर्क पर दबाव कम करेगी और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को सक्षम बनाएगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एक वर्ष के भीतर केवल योजनाएँ नहीं बनाई गईं, बल्कि निर्णायक फैसले लिए गए। आने वाले तीन वर्षों के लिए 17,000 करोड़ का व्यापक पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करते समय अस्थायी असुविधाएँ आती हैं, लेकिन निर्णायक नेतृत्व ही ऐसे निर्णय ले सकता है और उन्हें लागू कर सकता है।
