नई दिल्ली | उत्तर भारत में इस साल फरवरी के महीने में ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। दिल्ली-एनसीआर में भी सूरज के तेवर तल्ख हैं, यहाँ अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और आने वाले दिनों में गर्मी का ‘रौद्र रूप’ देखने को मिल सकता है। फिलहाल दिन में चलने वाली तेज हवाएं धूप की तपिश से थोड़ी राहत दे रही हैं।
एक तरफ जहाँ मैदानी इलाके गर्मी से तप रहे हैं, वहीं ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। पूर्वी सिक्किम की त्सोमगो झील और शेराथांग में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बर्फबारी की वजह से सड़कों पर पर्यटकों के 541 वाहन फंस गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन के तहत करीब 2,736 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन ने सैलानियों को खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है।
दक्षिण भारत के मौसम में बंगाल की खाड़ी के प्रभाव से नमी बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिणी तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में 1 मार्च तक मध्यम बारिश होने की संभावना है। चेन्नई और आसपास के तटीय जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखा जा सकता है। समुद्री हवाओं की दिशा बदलने के कारण यहाँ भी तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। देश में मौसम के इस दोहरे मिजाज ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कहीं गर्मी का कहर है तो कहीं बेमौसम बर्फबारी और बारिश का संकट।

