इटारसी। केंद्र सरकार के विभागों और संस्थानों में कार्यरत संविदा एवं अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों ने इटारसी में जोरदार तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत संविदा व अस्थायी श्रमिकों को नियमित करने की मांग उठाई गई। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी दर्जा नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके भविष्य और सामाजिक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके साथ ही जेसीएम (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) की प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तरीय परिषद की बैठकों को नियमित त्रैमासिक अंतराल पर आयोजित करने की मांग भी रखी गई, ताकि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध चर्चा और समाधान सुनिश्चित हो सके।
कर्मचारियों ने यूपीएस और एनपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 को पुनः लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है, इसलिए इसे बहाल किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल, महामंत्री कृष्णा शर्मा, राजेश रोशन, योगेश पटेल, अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
