नयी दिल्ली, 25 फरवरी (वार्ता) संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि देश में हमेशा हाशिये पर रहा पर्यटन उद्योग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण अब महत्वपूर्ण बनकर उभरा है और राष्ट्रीय विकास के केंद्र में आ गया है।
श्री शेखावत ने यहां देश की प्रमुख पर्यटन प्रदर्शनी, दक्षिण एशिया यात्रा एवं पर्यटन विनिमय के 33वें वार्षिक आयाेजन का उद्घाटन करते हुए बुधवार को कहा कि मोदी सरकार पर्यटन के महत्व को समझती है और शुरु से ही उसका विश्वास रहा है कि पर्यटन केवल यात्रा तक सीमित नहीं बल्कि यह आजीविका, उद्यमिता और अर्थव्यवस्था के समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाली गतिविधि है।
उन्होंने कहा कि पर्यटक वैश्विक स्तर पर अब सिर्फ सैर सपाटा के लिए गंतव्य स्थलों की तलाश नहीं रह गया है, बल्कि पर्यटक अब कहानियों, जातीय और प्रामाणिक संस्कृतियों, स्वास्थ्य, मानवीय संबंधों और अनुभवों की तलाश भी कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस संदर्भ में पर्यटकों के लिए भारत सबसे सटीक है क्योंकि भारत की जीवंत विरासत, महान सभ्यता और समृद्ध लोकतंत्र ऐसी तपोभूमि है जो पर्यटकों की जिज्ञासा को प्रामाणिक अनुभवों के आधार पर संतुष्ट करती है।
श्री शेखावत ने कहा कि भारत केवल भौगोलिक विविधता वाला देश नहीं बल्कि आध्यात्मिक यात्राओं, रोमांचक अनुभव, प्राकृतिक पर्यटन आदि की दृष्टि से भी विविधतापूर्ण है। उनका कहना था कि पिछले एक दशक में देश में बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व बदलाव आया है और यह सब सरकार के विरासत संरक्षण, प्रकृति की सुरक्षा और समुदायों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के कारण हुआ है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पर्यटन संपदा इसकी संस्कृति और समृद्ध आतिथ्य सत्कार है। इस ‘अनुभव-आधारित’गंतव्य और ‘जिम्मेदार पर्यटन’ के कारण भारत में पर्यटन उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रमुखता से विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
