नयी दिल्ली, 25 फरवरी (वार्ता) दिल्ली के उद्योग मंत्री एवं दिल्ली खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कहा कि दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के तहत 16,000 से अधिक कारीगरों को सशक्त बनाया जाएगा।
श्री सिरसा की अध्यक्षता में आज यहां दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) की 55वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान बोर्ड ने ‘दिल्ली खादी कौशल विकास योजना’ के कार्यान्वयन हेतु औपचारिक रूप से प्रस्ताव पारित किया। इस योजना को पूर्व में रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है।
श्री सिरसा ने कहा, “दिल्ली खादी कौशल विकास योजना एक व्यापक सशक्तिकरण पहल है। स्किल डेवलपमेंट, फाइनेंशियल सपोर्ट, टूल किट्स तथा ई-कैटलॉग के माध्यम से डिजिटल मार्केट एक्सेस को एकीकृत कर हम अपने कारीगरों को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। यह योजना दिल्ली के 16,000 से अधिक परिवारों को गरिमा, नियमित आय एवं दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।”
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे 16,000 से अधिक लाभार्थियों को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रदान करना है, जो कम से कम पाँच वर्षों से दिल्ली के निवासी हों। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को स्किल्ड प्रशिक्षण के साथ प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रति दिवस 400 रुपये का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी तथा स्वरोजगार एवं उद्यमिता गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु निःशुल्क टूल किट्स उपलब्ध कराए जाएंगे।
