नयी दिल्ली, 25 फरवरी (वार्ता) केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने देश में पशु चिकित्सा तंत्र को सुदृढ़ करने और महत्वपूर्ण पशु-चिकित्सा सामग्रियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में मालूर स्थित फर्म बायोवेट प्रा.लि. को पशुओं के उपचार के लिए कुछ चिकित्सकीय हार्मोन के विकास और वाणिज्यिक उत्पादन की परियोजना के लिए वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। विभाग की एक विज्ञप्ति के अनुसार यह सहायता उसके प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) के जरिये स्वीकृत की गयी है। इस परियोजना का उद्देश्य देश में प्रमुख पशु प्रजनन हार्मोनों के वाणिज्यिक उत्पादन हेतु एक समर्पित विनिर्माण सुविधा की स्थापना करना है। इनमें जीएनआरएच एनालॉग—गोनाडोरेलिन (गोनाडॉरेलिन) और बुसरेलिन एसीटेट—तथा प्रोस्टाग्लैंडिन एनालॉग क्लोप्रोस्टेनॉल जैसे हार्मोन की वाणिज्यक उत्पादन क्षमता का विकास शामिल हैं।
ये हार्मोन पशुधन प्रजनन प्रबंधन और प्रजनन संबंधी विकारों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे स्वस्थ तरीके से पशुधन विकास और प्रजनन दक्षता सुधार में मदद मिलती है। वर्तमान में भारत में इन हार्मोनों के लिए देश आयात पर निर्भरत है। इससे किसानों के लिए इनकी अधिक लागत ऊंची है।
टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक के हवाले से विज्ञप्ति में कहा गया है, “स्वदेशी पशु-चिकित्सा हार्मोन निर्माण क्षमता का विकास पशुपालन को सशक्त बनाने और किसानों की आजीविका को समर्थन देने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के माध्यम से बोर्ड आयात प्रतिस्थापन को प्रोत्साहित कर रहा है, घरेलू जैव-प्रौद्योगिकी क्षमताओं को बढ़ावा दे रहा है तथा महत्वपूर्ण प्रजनन चिकित्सीय उत्पादों की किफायती उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है।”
विभाग ने कहा है कि जैव प्रौद्योगिकी और जैव-अभियांत्रिकी में प्रगति के साथ, पशु स्वास्थ्य सेवाओं में हार्मोन संश्लेषण और उपयोग का महत्व बढ़ा है। यह परियोजना बायोवेट की जैव-प्रौद्योगिकी आधारित पशु उत्पादों—जैसे जैविक उत्पादों और टीकों—में स्थापित विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए हार्मोन और चिकित्सीय उत्पाद निर्माण के एक विशेष क्षेत्र में विस्तार करेगी। स्वदेशी प्रक्रिया विकास को वाणिज्यिक उत्पादन के साथ एकीकृत कर यह परियोजना उच्च-मूल्य पशु-औषधियों में भारत की क्षमताओं को मजबूत करेगी। बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तकों ने कहा, “टीडीबी की यह सहायता हमें पशु-चिकित्सा हार्मोनों के लिए विश्वस्तरीय विनिर्माण अवसंरचना स्थापित करने और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सेवा करने में सक्षम बनाएगी। ” यह परियोजना स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास के वाणिज्यीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के टीडीपी के गठन के उद्येश्यों के अनुरूप है।

