मुंबई | भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को हाहाकार मच गया, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। दोपहर के कारोबार तक सेंसेक्स $1.34$ प्रतिशत या $1,119.80$ अंक गिरकर $82,174.86$ के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी $311.70$ अंक फिसलकर $25,400.90$ के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इस जोरदार बिकवाली के कारण बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप महज चंद घंटों में $3.23$ ट्रिलियन रुपये घटकर $465.31$ ट्रिलियन रुपये रह गया, जिससे निवेशकों को भारी चपत लगी है।
बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ और भविष्य की अनिश्चितता को माना जा रहा है। इसका सबसे बुरा असर आईटी (IT) सेक्टर पर पड़ा है, जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स $5$ प्रतिशत से अधिक टूट गया। टेक महिंद्रा के शेयरों में $7$ प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जबकि इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे बड़े शेयरों में भी जबरदस्त बिकवाली देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की नई व्यापार नीतियों और एआई (AI) को लेकर बदलती निगरानी ने तकनीकी कंपनियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
आईटी के अलावा रियल्टी और केमिकल सेक्टर के शेयर भी आज गहरे लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बीच निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने कुछ राहत दिखाई, जिसमें सन फार्मा जैसे शेयरों ने बढ़त बनाई। इसके अलावा एचयूएल और एनटीपीसी जैसे शेयरों में मामूली खरीदारी देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी $1$ प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी रही। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में इसी तरह की अस्थिरता और दबाव बने रहने की संभावना है।

