ग्वालियर: मुरैना-ग्वालियर के बीच वन विभाग की मंजूरी के साथ रेलवे की चौथी लाइन बिछाने का रास्ता खुल गया है। उत्तर मध्य रेलवे को सांक से लेकर सिथौली-संदलपुर के संरक्षित जंगलों में सर्वे करने की मंजूरी मिली है। वन विभाग ने स्वीकृति शर्तो के साथ दी है। स्पष्ट निर्देश है कि सर्वे के नाम पर एक भी पेड़ नहीं काटना, वरना अनुममित तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जायेगी। यह चौथी लाइन धौलपुर-ग्वालियर-झांसी-बीना तक 332 किमी लम्बी होगी। इसकी अनुमानित लागत 7 करोड़ 339 लाख रूपये तय की गयी है। यह ग्वालियर सिटी की पहली रेलवे बायपास लाइन होगी।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर जमीन के अभाव में चौथी लाइन निकालना असंभव था। इसलिये अब इसे सांक -बानमौर से टर्न लेकर बाड़ागांव -सिथौली होते हुए संदलपुर खंड से जोड़ा जायेगा। सर्वे के दौरान एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। केवल झाड़ियां साफ करने और टहनियां छांटने की अनुमति होगी। सर्वे के वक्त रेलवे और वन विभाग की टीम का साथ होना अनिवार्य है। जंगल के अंदर बड़े और भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वन भूमि के मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
