नीमच : मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गरीबों के लिए वरदान मानी जाने वाली ‘आयुष्मान भारत योजना’ में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। मनासा तहसील के भाटखेड़ी निवासी एक बंजारा परिवार ने शहर के एक हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनसे डेढ़ लाख रुपये की अवैध वसूली की है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को नीमच कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे पीड़ित राजू बंजारा ने अपनी आपबीती सुनाई। राजू के अनुसार, उनके परिवार के सदस्य को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान योजना का लाभ देने के बजाय दबाव बनाकर उनसे 1.5 लाख रुपये नगद जमा करवा लिए।
धोखाधड़ी के गंभीर आरोप:
पीड़ित परिवार का कहना है कि अस्पताल ने न केवल नगद राशि ली, बल्कि उन्हें इस भुगतान का कोई आधिकारिक बिल भी नहीं दिया। इसके साथ ही, यह भी आरोप है कि अस्पताल ने चोरी-छिपे आयुष्मान पोर्टल से भी इलाज की राशि निकाल ली। यानी अस्पताल ने सरकार और गरीब मरीज, दोनों को एक साथ चूना लगाया।
प्रशासनिक रुख:
जनसुनवाई में मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कलेक्टर कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो अस्पताल का लाइसेंस रद्द होने के साथ-साथ प्रबंधन पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है।
पीड़ित का बयान: हम गरीब लोग हैं, आयुष्मान कार्ड इसीलिए बनवाया था ताकि मुसीबत में काम आए। लेकिन अस्पताल वालों ने हमसे डेढ़ लाख रुपये भी ले लिए और बिल मांगने पर टालमटोल करते रहे। हमें न्याय चाहिए और हमारे पैसे वापस मिलने चाहिए।
राजू बंजारा, मरीज, भाटखेड़ी, जिला नीमच
