भोपाल: राजधानी में छात्रों को मानसिक तनाव से मुक्त करने के लिए हमीदिया कॉलेज के प्रिंसिपल अनिल सिरवानी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के स्कूल, कॉलेजों, स्वास्थ्य विभाग और अन्य शिक्षण संस्थानों के शिक्षकगण शामिल हुए. इस बैठक में एमएलबी कॉलेज की मनोवैज्ञानिक विभाग की विभाग प्रमुख अनीता पुरी सिंह भी प्रमुख रुप से मौजूद रहीं. यह बैठक एैसे अध्ययनरत छात्रों के लिए की गई जो पढ़ाई के दबाव के कारण अवसाद में रहने लगते हैं या फिर आत्महत्या जैसे कदम उठाने लग जाते हैं. उनके लिए मनाचिकित्सक के माध्यम से कांउसलिंग कर अवसाद जैसी बीमारी से निकालने पर चर्चा की गई.
अवसाद के लक्षण
सहपाठी से दूरी बनाने लगे
-किताबें फैंकने या फाडऩे लगे
-किताबें किसी को बांटने लगे
-आंखों के नीचे काले धब्बे पडऩे लगे
-घर में अकेला रहने लगे
-चिड़चिड़ापन दिखाई देने लगे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टास्क फोर्स का गठन
हमीदिया कॉलेज के प्रिंसिपल अनिल सिरवानी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय, प्रदेश, जिले स्तर पर टास्क फोर्स का गठन पहले ही किया जा चुका है, जिले में इस फोर्स में 10 सदस्य हैं जो कि पर्याप्त नहीं हैं. क्योंकि राजधानी में शासकीय और निजी कॉलेजों को मिलाकर लगभग 100 कॉलेज है. साथ बड़ी तादाद स्कूल और कोचिंग सेंटर बने संचालित हैं. इसलिए टास्क फोर्स में सदस्य बढाने पर विचार किया गया है.
शिक्षण संस्थानों में जाकर करेंगे काउंसलिंग
सिरवानी ने बताया कि टास्क फोर्स कम से कम सप्ताह में एक दिन जाकर शहर के सभी संस्थानों में विजिट करेंगे. वहां के शिक्षकों और छात्रों से जानकारी लेंगे, अगर कोई छात्र इस बीमारी से ग्रस्त पाया जाता है या उसमें एैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उस छात्र से काउंसलिग कर मनौचिकित्सक उपचार करेंगे. और साथ ही काउंसलर उसे 24 घंटे अपनी निगरानी में रखेंगे. छात्रों के पालकों को मोबाईल और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए भी जानकारी दी जाएगी.
टास्क फोर्स के गठन के बाद एक आत्महत्या
भोपाल में टास्क फोर्स के गठन के बाद हमीदिया अस्पताल में मेडिकल की छात्रा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या का पहला मामला है. इस तरह की घटना भविष्य में किसी भी शिक्षण संस्थान में किसी भी छात्र के साथ ना हो इसके लिए अब टास्क फोर्स लगातार विजिट करेंगे.
