सतना : सीवर लाइन से संबंधित निर्माण कार्य ने पिछले लगभग 5 वर्ष से नगरवासियों का जीना दूभर कर दिया है. निर्माण एजेंसियों की मनमानी कार्यशैली और नगर निगम के जिम्मेदारों के बेपरवाह रवैऐ स्थिति को और भी अधिक बद्तर बना देने में कोई कसर नहीं रख छोड़ी है. जिसके चलते बिना किसी निगरानी के जहां तहां खुदाई कर सीवर लाइन डाल दी जा रही है. इतना ही नहीं बल्कि सीवार लाइन डालकर कांपैक्शन करने के बाद दोबारा उन्हीं स्थानों को खोदकर चेंबर बनाने का कार्य शुरु हो जाता है.
कोतवाली तिराहे से जयस्तंभ चौक की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग एक बार फिर से बाधित हो चुका है. जिसके पीछे की मुख्य वजह सीवर लाइन से संबंधित निर्माण कार्य को बताया जा रहा है. निर्माण एजेंसी से संबद्ध संविदाकार द्वारा कोतवाली तिराहे से जयस्तंभ चौक ओर जाने वाले मार्ग पर लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं. जिनके जरिए सीवर लाइन का चेंबर लगाए जाने की जानकारी निर्माण कर्मियों द्वारा दी गई. इस खुदाई की वजह से न सिर्फ उक्त मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया बल्कि वहां पर मौजूद दुकानदारों की मुसीबत कई गुना अधिक बढ़ गई.
गहरे गड्ढे के साथ साथ आस पास पसरे मलबे के चलते आलम यह हो गया कि लोगों के किसी तरह पैदल निकल जाने तक की गुंजाइश नहीं बची. इतना ही नहीं बल्कि दिन की भीड़ भाड़ भरी व्यस्तता की वजह से उक्त क्षेत्र में गंभीर दुर्घटना की आशंका भी प्रबल होती नजर आने लगी है. ननि की कार्यशैली से आक्रोशित आस पास के दुकानदारों का कहना है कि होली जैसे प्रमुख त्योहार की ग्राहकी से ठीक पहले गहरा गड्ढा खोदकर मलबा उनकी दुकानों के सामने भर दिया गया. जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने लगा है.
महीने भर में दूसरी बार खुदाई
क्षेत्र के दुकानदारों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उक्त मार्ग को खोदकर सीवर लाइन डालने का कार्य किया गया था. जिसके बाद कांपैक्शन कर उसे ढंक दिया गया. लेकिन कांपैक्शन कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिनों बाद ही पाइप लाइन फूटने से वहां बाढ़ जैसे हालात नजर आने लगे थे. टूटा फूटा ही सही लेकिन मार्ग बहाल होने से धीरे धीरे उनका कारोबार पटरी पर लौटने लगा था. लेकिन ठीक त्योहार से पहले एक बार फिर से खुदाई कर पूरी व्यवस्था को ही चौपट कर दिया गया.
