
जबलपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सचिन रजक के नेतृत्व में छात्रों ने कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और उन्हें रोककर इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु को कार्यालय परिसर में घेर लिया गया, जिससे प्रशासनिक भवन में हंगामे की स्थिति बन गई। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि एमबीए, एलएलबी, बीएससी, बीसीए सहित कई पाठ्यक्रमों के परिणाम महीनों से लंबित हैं। एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम आठ माह से घोषित नहीं हुआ है। परीक्षा समय-सारिणी में बार-बार बदलाव, मूल्यांकन में त्रुटियां और पुनर्मूल्यांकन में देरी से छात्र परेशान हैं। संगठन के अनुसार 1500 से अधिक डिग्रियां और 1800 अर्जेंट डिग्रियां लंबित हैं। संगठन ने पीएम-उषा योजना की राशि के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित न किए जाने का आरोप लगाया। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस मौके पर सचिन रजक (जिलाध्यक्ष), करन तामसेतवार (राष्ट्रीय सचिव), अमित मिश्रा (प्रदेश उपाध्यक्ष), नीलेश माहर, अपूर्व केशरवानी, सक्षम यादव, यश, अभिनव मिश्रा, अभिषेक पटेल, पुष्पेन्द्र गौतम, अर्पित सोनकर, मो. जिशान, हर्ष, आकाश सेन, विकास पटेल, अतुल चौधरी, करण सिंह, दीपेश विश्वकर्मा, फैजल मंसूरी सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
