
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा हलाली डैम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के गिद्धों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनर्वन्यीकृत किए जाने की पहल की गई। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजधानी भोपाल से करीब स्थित हलाली डैम का वन क्षेत्र गिद्धों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण प्रदान करता है। यहां पर्याप्त ऊंचे वृक्ष, जलस्रोत और प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला उपलब्ध होने के कारण इसे पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थल के रूप में चुना गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गिद्ध पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक पक्षी हैं। मृत पशुओं के अवशेषों को साफ कर वे संक्रमण और बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। पिछले वर्षों में दवाओं के दुष्प्रभाव और आवासीय संकट के कारण गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट आई थी।
वन विभाग के विशेषज्ञों की निगरानी में इन गिद्धों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया है। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि वे सुरक्षित रूप से नए वातावरण में स्थापित हो सकें।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है। इस पहल से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और मध्यप्रदेश की समृद्ध जैव विविधता को नया संबल मिलेगा।
