इंदौर घटना के बाद अशोकनगर में सतर्कता: नालियों से हटेंगी जल पाइपलाइनें, 150 से अधिक सैंपल की जांच

अशोकनगर। इंदौर में दूषित जल से हुई हालिया घटना के बाद अशोक नगर नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और संक्रमण की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए नगरपालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया के नेतृत्व में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत शहर की नालियों में बिछी पानी की पाइपलाइनों को हटाने और लीकेज सुधारने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया

गया है। नगरपालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी,

जलप्रदाय प्रभारी उपयंत्री और संबंधित अमले के साथ फिल्टर प्लांट टोरिया सहित विभित्र वार्डों

कलेक्टर के निर्देश पर हो रही है सतत सैंपलिंगः

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों कलेक्टर साकेत मालवीय ने भी टोरिया फिल्टर प्लांट और जलप्रदाय टंकियों का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत सीएमओ को निर्देश दिए थे कि जल स्रोत से लेकर वार्डों में पहुंचने वाले पानी तक की नियमित टेस्टिंग की जाए। कलेक्टर के इन निदेशों के पालन में नगरपालिका अब तक 150 से अधिक पानी के सैंपल ले चुकी है।

का सघन दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने सख्त निर्देश दिए कि नालियों के भीतर से गुजरने बाली सभी पाइपलाइनों को तत्काल हटाया जाए, क्योंकि इनसे गंदे पानी के मिलने और संक्रमण फैलने का सबसे अधिक

खतरा रहता है। वर्तमान में ठेकेदार के माध्यम से उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां पाइपलाइनें नाली के बीच से गुजर रही हैं। पहले चरण के बाद शहर की प्रत्येक गली में यह अभियान चलाया जाएगा।

पानी पीने योग्य और मानकों के अनुसारः

नगरपालिका द्वारा फिल्टर प्लांट, टंकियों और बाड़ों से लिए गए इन सैंपलों को पीएचई लैब में टेस्टिंग हेतु भेजा गया है। राहत की बात यह है कि अब तक प्राप्स सभी जांच परिणाम मानकों के अनुरूप पाए गए हैं और शहर में सप्लाई हो रहा पानी पूरी तरह पीने योग्य है। श्री मनोरिया ने स्पष्ट किया है कि पाइप लाइन के लीकेज और जलप्रदाय व्यवस्था की निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि भविष्य में भी किसी प्रकार की समस्या न हो।

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