ढाका | बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अनुशासन और सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता मंजुरुल इस्लाम को क्रिकेट से जुड़ी सभी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है। यह फैसला महिला टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद लिया गया है। जहानारा ने आरोप लगाया था कि 2022 महिला विश्व कप के दौरान मंजुरुल ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। बोर्ड की रविवार को हुई हाई-लेवल मीटिंग में इस प्रतिबंध पर मुहर लगाई गई, जिससे पूरे क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया है।
BCB द्वारा गठित स्वतंत्र जांच समिति ने मामले की गहराई से समीक्षा की, जिसमें पाया गया कि मंजुरुल इस्लाम का आचरण पेशेवर मानकों के विपरीत था। रिपोर्ट के अनुसार, उनके कुछ कृत्य सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत उत्पीड़न और कदाचार की श्रेणी में आते हैं। हालांकि मंजुरुल का अनुबंध जून 2025 तक था, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें तुरंत प्रभाव से बाहर कर दिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इस मामले में और भी कड़े कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं ताकि महिला एथलीटों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सके।
उसी बैठक में बोर्ड ने बांग्लादेशी क्रिकेट के विकास के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। पहली बार ‘महिला बांग्लादेश प्रीमियर लीग’ (BPL) का आयोजन 4 से 14 अप्रैल 2026 तक ढाका और चट्टोग्राम में किया जाएगा। इसके साथ ही, चयन पैनल के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और मुख्य चयनकर्ता गाजी अशरफ हुसैन का कार्यकाल एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व दिग्गज हबीबुल बशर नए चयन पैनल की कमान संभाल सकते हैं। बोर्ड का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह खेलों में अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

