म्यूचुअल फंड निवेश में नागपुर की लंबी छलांग, चंडीगढ़ और भुवनेश्वर को पीछे छोड़ टॉप-12 शहरों में मारी एंट्री, ₹42,000 करोड़ के पार पहुंचा कुल निवेश

नागपुर | नागपुर के निवेशकों के व्यवहार में पिछले एक दशक में क्रांतिकारी बदलाव आया है। कभी गोल्ड और बैंक एफडी (FD) को सुरक्षित निवेश मानने वाला यह शहर अब एसआईपी (SIP) और म्यूचुअल फंड का बड़ा केंद्र बन चुका है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, नागपुर अब देश के टॉप-12 शहरों में शामिल हो गया है, जहां कुल एयूएम (AUM) लगभग ₹42,000 करोड़ तक पहुंच गया है। विशेष रूप से युवा निवेशक अब महीने की शुरुआत में ही अपनी आय का एक हिस्सा निवेश के लिए निकाल रहे हैं, जो शहर की बढ़ती वित्तीय साक्षरता को दर्शाता है।

वर्ष 2012 में नागपुर का म्यूचुअल फंड निवेश मात्र ₹2,525 करोड़ था, जो अब 17 गुना बढ़कर ₹42,000 करोड़ के पार जा चुका है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ नागपुर ने चंडीगढ़ और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख शहरों को पीछे छोड़ दिया है। विदर्भ क्षेत्र के अन्य शहर जैसे अकोला (₹7,000 करोड़), अमरावती (₹5,200 करोड़) और चंद्रपुर भी निवेश के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मिहान (MIHAN) में आईटी कंपनियों के आने और बढ़ती कनेक्टिविटी ने स्थानीय लोगों की डिस्पोजेबल आय और निवेश क्षमता को बढ़ावा दिया है।

बचत की सोच में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण बढ़ती महंगाई है। निवेशकों ने महसूस किया है कि 5-6% का पारंपरिक रिटर्न महंगाई को मात देने में पर्याप्त नहीं है, इसलिए वे अब इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड की ओर रुख कर रहे हैं। अब ₹100 जैसी छोटी राशि से निवेश शुरू करने की सुविधा ने आम आदमी के लिए शेयर बाजार के रास्ते खोल दिए हैं। रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और बुनियादी सुविधाओं के विकास के चलते नागपुर 2021 से 2026 के बीच देश के सबसे तेजी से बढ़ते वित्तीय केंद्रों में से एक बनकर उभरा है।

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