सतना :पारिवारिक कलह ने एक व्यक्ति को अंदर से इस कदर झकझोर दिया कि उन्होंने जहर खाकर जान देने जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया. यह तो गनीमत रही कि समय रहते उन्हे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. वहीं पुलिस द्वारा परिजनों और रिश्तेदारों के कथन लेते हुए मामले की जांच की जा रही है.प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कोटर नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले शिवेंद्र सिंह की रविवार को तबियत अचानक बिगड़ गई.
जिसे देखते हुए परिजन सहित आस पास के लोग आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंच गए. जहां पर उनकी गंभीर हालत को देखते हुए फौरन भर्ती कर उपचार शुरु किया गया. अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला जहर विशेष तौर पर सल्फास के सेवन से संबंधित नजर आ रहा है. जिसे देखते हुए विशेष निगरानी में उपचार जारी है. उनके स्वास्थ्य की स्थिति को फिलहाल स्थिर ही कहा जा सकता है. लेकिन मामले में नया मोड़ आता तब नजर आया जब कुछ देर चले उपचार के बाद बोल पाने में अक्षम शिवेंद्र ने एक कागज पर कुछ लिखना शुरु कर दिया.
कागज के टुकड़े पर लिखे पत्र में शिवेंद्र द्वारा यह जानकारी दी गई कि उनकी पत्नी उनसे हर रोज झगड़ा करती हैं. पत्नी पूरे दिन साढ़े और माएके वालों से फोन पर बात करती हैं. माएकों वालों से होने वाली बातों के आधार पर पत्नी उनके साथ विवाद शुरु कर देती हैं. इसी कड़ी में शिवेंद्र द्वारा इस बात का जिक्र भी किया गया कि पत्नी उनकी बात नहीं मानती हैं, यहां तक कि वे उनकी मां के साथ ही बहुत बुरा बर्ताव करती हैं. घटना की जानकारी मिलने पर कोटर थाने के पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाने के बाद पुलिस द्वारा परिजनों और रिश्तेदारों के कथन लिए जाने लगे. थाना प्रभारी दिलीप मिश्र के अनुसार शिवेंद्र द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं उसकी सत्यता की जांच की जाएगी. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पिता भी कर चुके हैं आत्महत्या
परिवार से जुड़े कुछ लोगों ने सामने न आने की शर्त पर बताया कि शिवेंद्र का विवाह लगभग 5 वर्ष पहले हुआ था. जिसके कुछ समय बाद से ही पारिवारिक कलह शुरु हो गई. इसी कलह से तंग आकर शिवेंद्र के पिता द्वारा भी आत्महत्या कर ली गई थी. शिवेंद्र की पत्नी का अधिकांश समय सोशल मीडिया और माएके वालों से बातचीत में ही बीतता है. जिसे पारिवारिक कलह का मुख्य कारण माना जा रहा है. लेकिन इस पारिवारिक कलह के चलते अस्पताल में जीवन-मृत्यु के बीच जूझ रहे शिवेंद्र के मासूम बच्चों का जीवन सबसे अधिक प्रभावित होता नजर आ रहा है.
