
मंदसौर। मंदसौर के प्रसिद्ध श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक अब हटा दी गई है। यह बदलाव सोशल मीडिया पर उठी आवाज़ के बाद संभव हो सका, जिसकी शुरुआत स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता टीना विनोद मंडलोई ने की थी।
हाल ही में टीना विनोद मंडलोई ने अपनी फेसबुक आईडी के माध्यम से गर्भगृह में आमजन के प्रवेश पर प्रतिबंध का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सवाल किया था कि भगवान के दरबार में भेदभाव क्यों? उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला और देखते ही देखते यह मुद्दा जनचर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर बढ़ते समर्थन और जनभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए गर्भगृह को सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया।
टीना विनोद मंडलोई ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि सामूहिक आवाज़ की ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष सुविधा केवल बुजुर्गों और असमर्थ श्रद्धालुओं को दी जानी चाहिए, जबकि अन्य सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिलना चाहिए।
इस निर्णय को आस्था और समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उठाई गई यह पहल जनहित में महत्वपूर्ण साबित हुई है।
अब यह मांग भी उठ रही है कि प्रदेश के अन्य बड़े मंदिरों में भी ऐसी समान दर्शन व्यवस्था लागू की जाए, ताकि हर श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के भगवान के दर्शन कर सके।
