
शाजापुर। शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पिपल्यागोपाल का एक वीडियो 17 फरवरी को वायरल हुआ था, जिसमें शिक्षक फजल एहमद खान वहां पढऩे वाले बच्चों से परीक्षा के नाम पर शौचालय और बाथरुम साफ करवाते दिख रहे थे. इस संबंध में नवभारत द्वारा 18 फरवरी को परीक्षा के नाम पर बच्चों से साफ करवाया शौचालय और बाथरुम शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था. इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है. साथ ही एक अतिथि शिक्षक की सेवाएं समाप्त करते हुए प्रधान अध्यापिका पर भी कार्यवाही के आदेश जारी किए हैं.
गौरतलब है कि शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पिपल्यागोपाल के संबंध में शौचालय की सफाई बच्चों से करवाते हुए खबर गत 18 फरवरी को मीडिया द्वारा प्रकाशित की गई थी. जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शिप्रे ने बताया कि उक्त खबरों के संबंध में दल गठित कर जांच करवाई गई. जांच में दोषी पाए जाने पर शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पिपल्यागोपाल प्राथमिक शिक्षक फजल एहमद खान को जिला शिक्षा अधिकारी शिप्रे द्वारा मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया. निलंबन अवधि में प्राथमिक शिक्षक फजल एहमद खान का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी विकासखंड मो. बड़ोदिया रहेगा एवं उन्हें जीवन निर्वाहन भत्ते की पात्रता रहेगी. इसी तरह उक्त संस्था के अतिथि शिक्षक संदीप मालवीय का कार्य व्यवहार एवं आचरण आदर्श शिक्षक की भांति नहीं होने के फलस्वरुप उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है.
कार्यवाही के आदेश…
जिला शिक्षा अधिकारी ने माध्यमिक शिक्षक सह प्रभारी प्रधान अध्यापक श्रीमती शबाना परवीन को विद्यालय में अपने स्टाफ पर नियंत्रण नहीं रखने के कारण भविष्य में सजग रहकर दायित्व का निर्वहन करने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया है.
क्या था मामला…?
जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें स्कूल के शिक्षक फजल एक बच्चे से शौचालय साफ करवाते नजर आ रहे थे. सफाई के दौरान बच्चे की शर्ट तक उतरी हुई थी. केवल छात्र ही नहीं बल्कि स्कूल की छात्राओं ने भी गंभीर आरोप लगाए थे. कक्षा छठी के छात्र लकी ने बताया था कि शिक्षक फजल ने यह कहकर उनसे बाथरुम साफ करवाया कि परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और बाहर के गांव के बच्चे यहां आएंगे. इसलिए सफाई कर दो. अभिभावक देवीसिंह ने बताया था कि जब वे स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने खुद बच्चों को बिना कपड़ों के शौचालय साफ करते देखा. जिससे ग्रामीणों में आक्रोश था. यह वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इस मामले की जांच कराने की बात कही थी.
