
जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार को जबलपुर पूर्व क्षेत्र के विधायक लखन घनघोरिया ने प्रदेश में दूषित पेयजल आपूर्ति के गंभीर मुद्दे को उठाते हुए जबलपुर की स्थिति पर भी सरकार को घेरने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंनें कहा कि इंदौर से भी अधिक खतरनाक स्थिति दूषित पानी को लेकर अभी जबलपुर की है जहां पिछले लंबे समय से नागरिक दूषित और काले पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
श्री घनघोरिया ने ये भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल सामान्य वार्डों तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम के महापौर के अपने वार्ड सहित लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में भी जल गुणवता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। इसके बावजूद अपेक्षित स्तर पर न तो परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जा रही है और न ही जवाबदेही तय की जा रही है।
सदन में लिए कई वार्डों के नाम
जानकारी के अनुसार विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा सत्र में नरसिंह वार्ड,पंसारी मोहल्ला, जोगी मोहल्ला, देवपुरी वार्ड, हाउसिंग कॉलोनी (पश्चिम विधानसभा क्षेत्र) सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों के नाम लिए और सदन को अवगत कराया कि हालात बेहद चिंताजनक हैं। इस मौके पर विधायक लखन ने दो टूक कहा कि यदि जबलपुर के नल से आने वाले पानी को 24 घंटे तक एक पात्र में रख दिया जाए तो वह काला पड़ने लगता है। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे-यदि पानी शुद्ध है तो उसकी प्रमाणित जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाए, और यदि दूषित है तो संबंधित अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
