86 देशों और दो वैश्विक संस्थाओं ने ‘नयी दिल्ली घोषणा’ का समर्थन किया

नयी दिल्ली 21 फरवरी (वार्ता) इलैक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में अपनाई गयी ‘नयी दिल्ली घोषणा’ का 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन किया है। केन्द्रीय मंत्री ने सम्मेलन के समापन पर शनिवार को मीडिया संबोधित करते हुए कहा कि यह सहयोगात्मक, विश्वसनीय और समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे के लिए भारत के दृष्टिकोण को मजबूत वैश्विक समर्थन है। शिखर सम्मेलन के समापन पर अपनाई गई इस घोषणा को वैश्विक एआई सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया गया है। इसमें भाग लेने वाले देशों ने समान और न्यायसंगत पहुंच, जिम्मेदार नवाचार तथा सुदृढ़ एआई प्रणालियों के लिए साझा रोडमैप का समर्थन किया। श्री वैष्णव ने कहा कि घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत को स्वीकार किया है। घोषणा का समर्थन करने वालों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क और जर्मनी सहित कई बडे देश शामिल हैं। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एआई इम्पैक्ट समिट की घोषणा पर कुल 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है।”
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ वैश्विक दक्षिण में आयोजित पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन था, जिसमें एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार किया गया। यह ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ और ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत के अनुरूप रहा।

इस शिखर सम्मेलन ने समानता, पहुंच और साझा समृद्धि पर आधारित ‘सभी के लिए एआई’ के भारत के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक एआई शासन में भारत को अग्रणी स्थान पर स्थापित किया। घोषणा में सात स्तंभों पर आधारित कार्य एजेंडा प्रस्तुत किया गया है, जिसमें एआई संसाधनों का लोकतांत्रिकरण, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई, विज्ञान के लिए एआई, सामाजिक सशक्तिकरण, जन संसाधन विकास तथा सुदृढ़ और नवोन्मेषी एआई प्रणालियां शामिल हैं। साथ ही ‘चार्टर फॉर डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन ऑफ एआई’, ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स’, ‘ट्रस्टेड एआई कॉमन्स’ और ‘एआई वर्कफोर्स डेवलपमेंट प्लेबुक’ जैसी वैश्विक पहलों की भी घोषणा की गई है। श्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, “सभी ने एआई संसाधनों का लोकतांत्रिकरण करने पर सहमति जताई है ताकि इसके लाभ और तकनीक दुनिया भर में, समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकें।” इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 16 से 20 फरवरी तक यहां भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इसमें नवाचार और कुशल मानव संसाधन विकास को भविष्य के सहयोग के प्रमुख स्तंभों के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा, “केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी ध्यान में रखना होगा। सुरक्षा और विश्वास को केंद्रीय बिंदु बनाया गया है।” श्री वैष्णव ने शुक्रवार को कहा था कि इस शिखर सम्मेलन में 250 अरब डॉलर से अधिक के अवसंरचना निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, विश्व की प्रमुख एआई कंपनियों और अनेक स्टार्टअप ने अपने कार्य का प्रदर्शन किया तथा चर्चाओं की गुणवत्ता अत्यंत उत्कृष्ट रही।

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