पुलिस बन कर 2 लाख ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

 स्वयं को सीआईडी का उनि बताकर युवक को छुड़ाने का कर रहा था दावा

सतना : असली पुलिस द्वारा एक युवक के विरुद्ध दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था. बेटे पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए परिजन उसे बचाने की जद्दोजहत में जहां-तहां प्रयास करने लगे. इसी मौके का फायदा उठाकर स्वयं को सीआईडी का उप निरीक्षक बताने वाले ठग ने राहत दिलाने के नाम पर परिजनों से 2 लाख रु ऐंठ लिए. लेकिन और रुपए वसूलने के लालच में जैसे नकली पुलिस ने एक बार फिर संपर्क किया वैसे ही असली पुलिस ने उसे दबोच लिया.

जिले के नागौद थाना प्रभारी अशोक पाण्डेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार तुरकहा निवासी 55 वर्षीय महिला सुशीला गौतम पति केदार द्वारा थाने में शिकायत की गई थी. महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पुत्र अतुल गौतम के विरुद्ध सिविल लाइन थाने में 20 जनवरी को छेड़छाड़, दुष्कर्म, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी का प्रकरण पंजीबद्ध हुआ था. इस मामले में महिला के बेटे को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए केंद्रीय जेल भेज दिया था. घटना की जानकारी मिलने पर अगले दिन महिला अपने परिजनों के साथ सिविल लाइन थाने गई थी. जहां पर उसे मालुम हुआ कि उसके बेटे के विरुद्ध गंभीर अपराध का प्रकरण दर्ज है और अब जो कुछ भी होगा वह न्यायालय के माध्यम से ही होगा.

यह सुनकर परेशान परिजन वापस घर लौट आए. लेकिन तभी एक अनजान व्यक्ति उनके घर पहुंच गया. जिने स्वयं को सीआईडी का उप निरीक्षक बताते हुए कहा कि वह 3 जिलों का अधिकारी है. बातचीत के दौरान बड़े-बड़े दावे करते हुए उस व्यक्ति  ने महिला के बेटे को छुड़ाने के एवज में 2 लाख रु की मांग की. अपने बेटे को छुड़वाने के लालच में महिला ने फौरन ही 2 लाख रु उसे सौंप भी दिए. लेकिन इसके बावजूद भी समय बीतता गया और महिला का बेटा नहीं छूटा. इसी कड़ी में रविवार की सुबह उस व्यक्ति ने महिला को फोन लगाते हुए फिर से पैसे की मांग की. लेकिन इस बार सतर्क महिला ने नकद न होने की बात कहते हुए चेक के माध्यम से पैसे देने की बात कही. लिहाजा पैसे की लालच में वह व्यक्ति अपनी लक्जरी कार से महिला के घर पहुंच गया. मौका देखते ही महिला और उसके पुत्र अमन ने डायल 100 को फोन कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे पैसा लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया.
  पहने हुए था वर्दी
घटना की गंभीरता को देखते हुए नागौद पुलिस फौरन हरकत में आई और मौके पर पहुंच गई. जब पुलिस कर्मियों ने उसे दबोचा तक वह बकायदा पुलिस की वर्दी और टोपी पहने हुए थे. इतना ही नहीं बल्कि उसकी लक्जरी कार पर भी पुलिस लिखा हुआ था. जिसकी पहचान कृपाशंकर मिश्रा उर्फ पप्पू पिता जयकरण उम्र 37 वर्ष निवासी करही रोड विट्स कालेज तालाब के पास के तौर पर हुई. इस घटना के सामने आने पर नागौद पुलिस की ओर से आमजन से यह अपील की गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगने अथवा किसी भी प्रकार की ठगी करने की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सके.

Next Post

रेलवे स्टेशन परिसर से क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम नदारद

Mon Feb 10 , 2025
Share on Facebook Tweet it Share on Reddit Pin it Share it Email  भीड़ के दबाव के  साथ-साथ जबरदस्त जाम के चलते बढ़ रही हादसे की आशंका सतना:प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के दौरान सतना रेलवे स्टेशन पर संभावित भीड़ के मद्देनजर वरिष्ठ मंडलीय अधिकारियों द्वारा ताबड़तोड़ दौरा करते हुए […]

You May Like

मनोरंजन