जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने 30 वर्षीय तृतीय समयमान देय तिथि से भुगतान करने का राहतकारी आदेश पारित किया। इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को पालन के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता तृतीय श्रेणी कार्यालय सहायक पद से सेवानिवृत राम कुमार पटेल की ओर से दायर मामले में कहा गया था कि उनका 30 वर्षीय तृतीय समयमान वेतनमान अनुचित व पक्षपातपूर्ण तरीके से रोक लिया गया था। 2018 में जब याचिकाकर्ता पश्चिम शहर संभाग में पदस्थ थे, तब उसे एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि क्यों न उसकी आगामी वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी जाए। याचिकाकर्ता ने नोटिस का तत्काल जवाब दे दिया था। इसके बावजूद तत्कालीन कार्यपालन अभियंता, शहर संभाग पश्चिम नरेंद्र कुमार मिश्रा ने दुर्भावना से प्रेरित होकर सात माह बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। जब याचिकाकर्ता ने 30 वर्षीय समयमान वेतनमान का आवेदन 16 जुलाई 2019 को कार्यालय में दिया तो दंड लगा दिया गया। दिलचस्प बात तो यह रही कि जिस तिथि को दंड लगाया गया, उससे पूर्व ही मिश्रा का स्थानांतरण हो गया था। उनके स्थान पर इमरान खान ने कार्यपालन अभियंता शहर संभाग पश्चिम के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया था। हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद याचिकाकर्ता के हक में राहतकारी आदेश दिया।