चेन्नई, 21 फरवरी (वार्ता) तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने शनिवार को अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया।
पार्टी सांसद और कोषाध्यक्ष टी. आर. बालू को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में नगर प्रशासन मंत्री और द्रमुक के प्रधान सचिव के. एन. नेहरू, राज्यसभा सांसद एवं उप महासचिव तिरुची एन. शिवा, लोकसभा सांसद एवं उप महासचिव ए. राजा, संगठन सचिव आर. एस. भारती, लोक निर्माण मंत्री ई. वी. वेलु, कृषि मंत्री एम. आर. के. पन्नीरसेल्वम तथा द्रमुक महासचिव एवं जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन शामिल हैं।
पार्टी मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ में रविवार से सीट बंटवारे पर वार्ता शुरू की जाएगी। द्रमुक लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटकर ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
उल्लेखनीय है कि सीट बंटवारे की समिति के गठन में कथित रूप से देरी हुई थी, क्योंकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने चुनाव के बाद सत्ता में हिस्सेदारी की मांग उठाई थी। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि सत्ता साझेदारी पार्टी के एजेंडे में नहीं है और इस विषय पर की गयी टिप्पणियां व्यक्तिगत विचार हैं, आधिकारिक रुख नहीं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, द्रमुक अपनी परंपरा के तहत पहले इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ वार्ता करेगी। इसके बाद कांग्रेस के साथ बातचीत होगी। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में देरी पर असंतोष जताया था, क्योंकि उसकी सीट बंटवारा समिति को गठित हुए 75 दिन से अधिक समय हो चुका है।
अगर दिल्ली से आ रही खबरों को सच माना जाए तो कांग्रेस कम से कम 42 सीटों की मांग कर रही है, जबकि 2021 के चुनाव में उसे 25 सीटें मिली थीं। द्रमुक सत्ता साझेदारी की अवधारणा को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन सीटों की संख्या में कुछ वृद्धि पर सहमति संभव बताई जा रही है। कांग्रेस के भीतर सत्ता साझेदारी की मांग को लेकर उठे स्वर के बीच श्री वेणुगोपाल ने हाल ही में कहा था कि द्रमुक उसका पुराना और भरोसेमंद सहयोगी है तथा दोनों दल आगामी चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे।
द्रमुक सूत्रों का कहना है कि सीट बंटवारे की प्रक्रिया संभवतः निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने से पहले फरवरी के अंत या मार्च के प्रारंभ तक पूरी कर ली जाएगी ।
उल्लेखनीय है कि राज्य में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। पार्टी ने विश्वास जताया है कि सहयोगी दलों के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से समझौता कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सहयोगी दलों के साथ बातचीत के लिए द्रमुक ने बनायी सीट बंटवारा समिति
