सतना:मझगवा तहसील में इन दिनों भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। आम नागरिकों को नामांकन, सीमांकन, नक्शा दुरुस्ती, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे सामान्य और आवश्यक कार्यों के लिए भी हजारों रुपये खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बिना पैसें दिए फाइलें आगे नहीं बढ़तीं और महीनों तक लंबित रखी जाती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के किसान, मजदूर और जरूरतमंद परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
इस पूरे मामले को गंभीरता से उठाते हुए कांग्रेस नेता रितेश त्रिपाठी ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जनता को राहत देने के बजाय अधिकारी और कर्मचारी आर्थिक शोषण करने का कार्य कर रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
