
रीवा। एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ली है दिन भर आसमान में बादल छाये रहे अन्य दिनो के अपेक्षा शुक्रवार को ठंड का असर रहा और दिन भर ठंड हवाएं चलती रही. अगर बारिश होती है तो दलहन, तिलहन फसल को नुकसान होने के साथ गेंहू की फसल को लाभ होगा. बेमौसम बारिश को लेकर किसान भी चिंतित है. उधर मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है.
प्रदेश के अन्य जिलो में दो दिन से रिमझिम बारिश हो रही है. ऐसे में उम्मीद है कि रीवा एवं मऊगंज में भी बारिश हो सकती है. बारिश से ज्यादा फायदा केवल गेंहू की फसल को होगा. तापमान में भी उछाल आया है न्यूनतम तापमान पहले 9 डिग्री था जो सीधे 12.8 डिग्री पहुंच गया है वही दिन का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि दो दिन पहले 28 डिग्री था. दिन भर तीन किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रही. गौरतलब है कि इस बार ठंड के महीने में झमाझम बारिश नही हुई केवल बूंदाबांदी हुई है. उम्मीद थी कि बारिश होगी पर नही हुई, लगातार किसान मोटर पम्प से फसलो की सिंचाई की और अब बेमौसम बारिश को लेकर किसान चिंतित है मौसम विभाग ने तेज गरज के साथ बौछार की संभावना जताई है. दिन भर सूर्यदेव के दर्शन नही हुए और बादल बने रहे. जिस तरह से इस समय मौसम का मिजाज है उसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. अचानक से मौसम में परिवर्तन और ठंड-गर्म हवाओं के कारण सर्दी जुखाम, उल्टी, दस्त एवं बुखार की शिकायते बढ़ गई है. साथ ही बदन दर्द एवं लकवा से ग्रसित मरीजो को भी दिक्कत हो रही है. तीन दिन पूर्व अभी तापमान 29 डिग्री तक पहुंच गया था उसके बाद फिर से अधिकतम तापमान लुढक़ कर 25 डिग्री पहुंच गया. मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर स्वास्थ्य में पड़ रहा है.
दलहन-तिलहन फसल को हो सकता है नुकसान
जिस तरह से बेमौसम बारिश की संभावना है अगर बारिश होती है तो सीधा असर फसलो पर पड़ेगा. इस समय चना, मसूर, अरहर, अलसी, जौ, राई की फसल पकने के कगार पर है. अगर बेमौसम बारिश होती है तो इन फसलो को नुकसान हो सकता है. इसी तरह गेंहू की फसल को नुकसान के बजाय फायदा होगा. दरअसल अभी गेंहू की फसल में बाली लग रही है जो बोनी नवम्बर में हो गई थी उसमें बाली लग चुकी है. तेज बारिश के साथ अगर आंधी चलती है तो गेंहू की फसल गिरे गी और उत्पादन प्रभावित होगा. अगर बारिश बगैर आंधी के होती है तो गेंहू को सबसे ज्यादा फायदा होगा.
