इस्लामाबाद, 20 फरवरी (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) के तहत पाकिस्तान की ओर से किये गये नीतिगत उपायों ने देश की डगमगाती अर्थव्यवस्था के वित्तीय सुदृढ़ीकरण में योगदान दिया है जिससे निवेशकों का विश्वास बहाल हुआ है।
आईएमएफ की संचार विभाग की निदेशक जूली कोज़ैक ने गुरूवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पाकिस्तान के नीतिगत प्रयासों ने अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और विश्वास को फिर से बनाने में मदद की है। इसके चलते कई प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों में सुधार देखा गया है। राजकोषीय प्रदर्शन को मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.3 प्रतिशत प्राथमिक राजकोषीय अधिशेष हासिल किया है, जो निर्धारित कार्यक्रम के लक्ष्यों के अनुरूप है।
सुश्री कोज़ैक ने जानकारी दी कि मुख्य मुद्रास्फीति अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है, जो पिछले वर्षों के तीव्र मूल्य दबावों से एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान 14 वर्षों में अपना पहला चालू खाता अधिशेष दर्ज किया है, जिसे बाहरी असंतुलन को ठीक करने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है।
आईएमएफ का एक स्टाफ मिशन 25 फरवरी से पाकिस्तान का दौरा करने वाला है, जो ईएफएफ के तहत तीसरी समीक्षा और लचीलापन एवं स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) के तहत दूसरी समीक्षा पर चर्चा करेगा। इवा पेट्रोवा के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल लगभग दो सप्ताह तक इस्लामाबाद में बातचीत करेगा, जो 11 मार्च को समाप्त होगी।
यह मिशन समीक्षा अवधि दिसंबर 2025 के अंत तक के प्रदर्शन का आकलन करेगा। हालांकि अधिकारियों ने राजस्व की कमी को स्वीकार किया है, लेकिन उनका मानना है कि संघीय संवैधानिक न्यायालय के हालिया ‘सुपर टैक्स’ फैसले के बाद यह कमी कम हो सकती है।
आगामी चर्चाओं में वित्त वर्ष 2026-27 के प्रारंभिक बजट प्रस्तावों, व्यय प्रबंधन और राजस्व लक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यदि यह तीसरी समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हो जाती है, तो पाकिस्तान अप्रैल के अंत तक ईएफएफ के तहत लगभग एक बिलियन डॉलर और आरएसएफ के तहत अतिरिक्त 200 मिलियन डॉलर की राशि प्राप्त करने का पात्र हो जाएगा।
