धनतेरस की खरीददारी पर शनिदेव की छाया, फीका रहा कारोबार

रीवा।धनतेरस पर इस बार शनिदेव की छाया रही, जिसकी वजह से कारोबार फीका रहा. लोग उत्साह के साथ खरीददारी नही किये. शुभ मुहूर्त में पूजन सामग्री एवं कुछ छोटे आभूषणो की खरीददारी सोने में की गई. जबकि आटो मोबाइल एवं इलेक्ट्रानिक कारोबार कमजोर रहा.

दरअसल शनिवार होने के कारण लोगो ने दूरी बनाई, जिसका असर कारोबार में साफ तौर पर देखने को मिला. बाजार में शाम तक भीड़ रही और रात 8 बजे के बाद भीड़ घट गई. दिन भर लोगो ने पूजन सामग्री, सजावट एवं प्रसाद आदि की खरीददारी खूब की और शाम को शुभ मुहूर्त में शगुन के रूप में बर्तन व सोने-चांदी के छोटे आभूषण क्रय किये. मंहगाई और सोने-चांदी के बढ़े दाम को लेकर आम आदमी खरीददारी की हिम्मत नही जुटा पाया. इस बार धनतेरस में कारोबार अन्य वर्षो के अपेक्षा बेहद कमजोर रहा. फिर भी 100 करोड़ के ऊपर कारोबार की संभावना जताई गई है. व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस शनिवार को पड़ा, जिसके कारण लोगो ने खरीददारी कम की और कारोबार पर असर रहा. अब उम्मीद है कि दीपावली के दिन लोग खरीददारी अच्छी करेगे, जिससे बिक्री बढ़ेगी. धनतेरस पर पकड़े आदि की खरीददारी ठीक ठाक हुई. अब व्यापारियों को उम्मीद है कि दीपावली में लोग खरीददारी के लिये आगे आएगे.

सौ करोड़ से ऊपर के कारोबार की उम्मीद

शनिवार के बावजूद धनतेरस के दिन सौ करोड़ से अधिक का कारोबार की उम्मीद है. अगर पूरे जिले को मिला दें तो ज्यादा भी हो सकता है. भूमि, बाउंड आदि की खरीददारी शनिवार के कारण कम हुई. इसी तरह आटो मोबाइल्स की भी खरीददारी कम रही. इसके बावजूद 100 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ. जिस तरह से लोग खरीददारी के लिये आगे आते है उस तरह इस बार नही आए. उसकी केवल वजह धनतेरस का शनिवार के दिन होना. लोगो ने जरूरत और आवश्यकता के अनुसार सामानो की खरीददारी की. उत्साह के साथ ग्राहक दुकानो में पहुंचे और बाजार धनतेरस के दिन गुलजार रहा.

मंहगाई का दिखा असर

धनतेरस पर लोग अच्छी खरीददारी करते है लेकिन इस बार बाजार फीका रहा. कारोबार की जो उम्मीद थी उस अनुरूप व्यापार नही हुआ. सोने-चांदी के दाम ज्यादा होने के कारण लोगो ने ज्यादा रूचि नही दिखाई. इसके साथ ही मंहगाई का असर बाजार में साफ तौर पर देखने को मिला. सोना-चांदी लेना शुभ होता है इस लिये शुभ मुहूर्त में केवल छोटे सामान सोने-चांदी के क्रय किये गये. इस बार धनतेरस में मंहगाई का असर साफ तौर पर देखने को मिला. बाजार में शाम तक भीड़ थी और रात 8 बजे के बाद धीरे-धीरे भीड़ घटती चली गई. गत वर्ष के अपेक्षा इस बार बाजार में मंदी देखने को मिली.

बड़े सामानो से लोगो ने बनाई दूरी

धनतेरस को लेकर बड़े सामानो की खरीददारी लोगो ने नही की. दरअसल शनिवार के कारण आटो मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरण, बर्तन सहित अन्य वस्तुओ की जिस तरह से खरीददारी होनी चाहिये उस तरह नही हुई. शनिवार को लोहा गाड़ी खरीदने से लोग बचते है. यही वजह है कि इस बार पुष्य नक्षत्र में ज्यादातर गाडिय़ां लोगो ने खरीदी थी, लेकिन धनतेरस पर आटो मोबाइल का कारोबार कमजोर रहा. इसी तरह बर्तन एवं इलेक्ट्रानिक उपकरण जैसे टीवी, फ्रीज, एसी, वासिंग मशीन और मोबाइलो की खरीददारी कम हुई. व्यापारियों को पहले से ही इस बात की शंका थी कि शनिवार के कारण बिक्री कम होगी और हुआ भी वही.

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