नयी दिल्ली, 20 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के विरुद्ध बताते हुए शुक्रवार को कहा कि पार्टी इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएगी और इसके खिलाफ किसान सम्मेलन आयोजित करेगी।
श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि यह समझौता किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला है और पार्टी किसानों की हित की लड़ाई लड़ती रहेगी तथा समझौते का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते पर चर्चा करने के वास्ते आज यहां उनके आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई जिसमें समझौते के विरोध की रणनीति पर चर्चा की गयी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा “आज जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्षों और संसदीय दल के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में भारत अमेरिका ट्रेड डील पर गंभीर चर्चा हुई। यह स्पष्ट है कि इस ‘ट्रैप डील’में मोदी सरकार ने किसानों के हितों से समझौता किया है। इस डील का सीधा असर कपास, सोयाबीन, मक्का किसानों और फल-मेवा उत्पादकों पर पड़ेगा। किसानों के हक की रक्षा के लिए कांग्रेस, ‘किसान सम्मेलन’ करेगी और इस मुद्दे को गाँव-गाँव तक लेकर जाएगी।”
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बैठक को लेकर यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद थे। बैठक में खासतौर पर अमेरिका और भारत के बीच में व्यापार समझौते को लेकर चर्चा हुई जिसमें कहा गया कि समझौता मजबूरी में हुआ है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सरेंडर’के कारण हुआ है।
उन्होंने कहा कि बैठक में इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए किसानों तक इसकी खामियां पहुंचाने के वास्ते किसान सम्मेलनों के आयोजनों का निर्णय लिया गया जिसके तहत पहला किसान सम्मेलन 24 फरवारी को भोपाल में किया जाएगा।
श्री रमेश के अनुसार बैठक में तय किया गया है कि इस बारे में दूसरा किसान सम्मेलन सात मार्च को महाराष्ट्र के यवतमाल में होगा जबकि तीसरा सम्मेलन राजस्थान के श्रीगंगानगर में होगा। यह सम्मेलन मार्च होना है लेकिन इसबी अभी तारीख तय नहीं की गयी है। उनका कहना था कि 9 मार्च से संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण होना है और पार्टी इस मुद्दे को फिर संसद में भी उठाएगी।
