
ब्यावरा। कृषि की उन्नत एवं नई तकनीकियों की जानकारी किसानों को देने, तिलहन, दलहन एवं मोटा अनाज की खेती को बढ़ावा एवं स्वास्थ्य के लिए इनके फायदे बताने के उद्देश्य से 23 फरवरी से जिले के मोहनपुरा डेम क्षेत्र में तीन दिवसीय कृषि मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार 23, 24 एवं 25 फरवरी को मोहनपुरा डेम क्षेत्र मेें यह कृषि मेला आयोजित किया जाएगा. मेले में प्रतिदिन लगभग 1200 किसान शामिल होंगे. मेले में जिले भर से कृषक शामिल होकर कृषि की नई तकनीकियों की जानकारी से अवगत होंगे.
पठारी क्षेत्र में उन्नत कृषि के बारे में बताएंगे
राजगढ़ का पठारी क्षेत्र होने से इसका उपयोग कृषि हेतु नहीं हो पाता था. किंतु मोहनपुरा डेम निर्माण के बाद से आज यह पठारी क्षेत्र फसलों से लहलहाने लगा है, आज यह क्षेत्र कृषि धाम के नाम से पहचान बनाने लगा है. मोहनपुरा के यहां पठारी क्षेत्र में अनार, जामफल सहित विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती हो रही है. कृषि मेले में इन सबको लेकर भी जानकारी से अवगत कराया जाएगा.
इंदौर, भोपाल, जबलपुर से आएंगे वैज्ञानिक
कृषि मेले में कृषि की नवीन तकनीकियों, उन्नत खेती के बारे में कृषकों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी. इस हेतु इंदौर, भोपाल, छिंदवाड़ा से वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक कृषि मेले में आएंगे. कृषि मेले में हार्डिकल्चर मोटा अनाज ज्वार, सांवा, चीयासीड, कुटकी आदि के बारे में जानकारी देेते हुए इनसे स्वास्थ्य के लिए होने वाले फायदों को बताया जाएगा.
जिले में होने लगी चीयासीड की खेती
कृषि विभाग के अनुसार जिले में चीयासीड की एक अच्छे रकबे में खेती होने लगी है. इसकी खेती पैदावार एवं आय के मान से काफी बेहतर मानी जाती है. वर्तमान में चीयासीड का भाव लगभग 30 हजार रुपये क्विंटल होना बताया जाता है. इसी प्रकार ज्वार लगभग 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल के मान से बिक रही है.
कृषि की उन्नत एवं नई तकनीकी जानकारी देने, तिलहन, दलहन एवं मोटा अनाज की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासन द्वारा 23, 24 एवं 25 फरवरी को मोहनपुरा डेम क्षेत्र में तीन दिवसीय कृषि मेला एवं प्रदर्शन आयोजित की जा रही है.
सचिन जैन
जिला उप संचालक
कृषि विभाग राजगढ़
